छत्तीसगढ़ के धमतरी में प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के सिहावा रोड स्थित आवास पर छापेमारी की। टीम सुबह करीब 7 बजे पहुंची और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में दस्तावेजों व अन्य रिकॉर्ड की जांच की। ईडी के अनुसार कथित शराब और कोयला लेवी घोटाले से जुड़े अवैध कमीशन व मनी लॉन्ड्रिंग में अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। अग्रवाल फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।
धमतरी (Naren Danu) : छत्तीसगढ़ में शराब और कोयला लेवी से जुड़े कथित घोटाला मामलों की जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित आवास पर दबिश दी। ईडी की टीम करीब सुबह 7 बजे सिहावा रोड स्थित उनके घर पहुंची और जांच शुरू की।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम दो वाहनों में पहुंची। एक टीम में सुरक्षा बल के जवानों समेत करीब आठ सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और बाहरी लोगों को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
ईडी अधिकारी घर के भीतर दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात की जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि एक कथित सिंडिकेट के जरिए जुटाए गए अवैध कमीशन और करोड़ों रुपये की राशि को खपाने में रामगोपाल अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जेल में बंद हैं रामगोपाल अग्रवाल
रामगोपाल अग्रवाल इस समय रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। शराब और कोयला लेवी से जुड़े मामलों में विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई और पूछताछ के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा था। वह पहले से ही एक अन्य मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में बंद थे।
इसी दौरान 11 अगस्त 2026 को ईडी ने उन्हें जेल के भीतर से ही शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 18 अगस्त तक ईडी की कस्टडी रिमांड पर भेजा था।
अब उनके धमतरी स्थित आवास पर ईडी की कार्रवाई को मामले में वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े दस्तावेजों की तलाश से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।