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फर्जी ITC नेटवर्क मामले में अबतक 20 से ज्यादा कारोबारियों पर गाज !
लुधियाना, 9 फरवरी । बोगस बिलिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पर रोक लगाने के लिए केंद्रीय जीएसटी (CGST) विभाग की पंजाब टीम ने राज्यभर में जांच और रेड की मुहिम तेज कर दी है। विभाग की टीमें लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़, जालंधर, अमृतसर और पटियाला बेल्ट में लगातार कार्रवाई कर रही हैं। दोषी पाए जाने पर कारोबारियों को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंडी गोबिंदगढ़ में बड़ी कार्रवाई ताजा मामला मंडी गोबिंदगढ़ स्थित दुर्गा मल्टीमेटल से जुड़ा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पिछले सप्ताह हुई जांच में कंपनी पर करीब ₹350 करोड़ की बोगस बिलिंग के जरिए लगभग ₹45 करोड़ टैक्स चोरी का आरोप सामने आया है। जांच के बाद कंपनी के मालिक अतुल कुमार और उनके परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की प्रक्रिया अपनाई गई। बताया जा रहा है कि भारी टैक्स देनदारी जमा न हो पाने के कारण विभाग ने कड़ा रुख अपनाया। CGST विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “फर्जी फर्मों के जरिए ITC पास करना एक संगठित नेटवर्क बन चुका है। पंजाब में पिछले छह महीनों में ही ऐसे मामलों में करीब ₹600 करोड़ से अधिक की संदिग्ध बिलिंग सामने आई है, जिसकी जांच चल रही है।” पहले भी कई इकाइयों पर कार्रवाई बीते कुछ महीनों में वसु मल्टीटेक, मारुति स्टील, बेदी स्टील, केके एलॉयज, जेएन टायल स्टील सहित कई औद्योगिक इकाइयों पर रेड हो चुकी है। अब तक अलग-अलग मामलों में 20 से 25 कारोबारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। सिस्टम की खामियों पर सवाल जहां टैक्स विशेषज्ञ टैक्स चोरी पर कार्रवाई को जरूरी मान रहे हैं, वहीं उद्योग संगठनों ने जीएसटी सिस्टम की खामियों पर सवाल उठाए हैं। फर्नेस एसोसिएशन मंडी गोबिंदगढ़ के प्रवक्ता ने कहा, “हम टैक्स चोरी के खिलाफ हैं, लेकिन मौजूदा जीएसटी पोर्टल में कारोबारी यह जांच ही नहीं कर सकता कि जिससे वह माल खरीद रहा है, उसने टैक्स भरा भी है या नहीं। बाद में पूरा बोझ खरीदार पर डाल दिया जाता है, जो न्यायसंगत नहीं है।” लुधियाना स्टील इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रवक्ता ने कहा, सरकार को कही बार सुझाव दिया है की रॉ मैटीरियल पर जीएटी घटा कर 5 % करते हुए बकाया 13 % फर्नेस एवं एन्ड यूजर्स से लिया जाए। इससे टैक्स चोरी रुकेगी और सरकारी राजस्व को भी नुकसान नहीं होगा। टैक्स केडिट ना होने से बोगस बिलिंग भी रुकेगी । सिस्टम की त्रुटियों के लिए केवल व्यापारी वर्ग को दोषी ठहराना गलत है।” अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि टैक्स चोरी में फर्जी फर्में बनती हैं तो उन्हें पास करने वाले विभागीय कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। एक बात तो तह है की एक टैक्स विशेषज्ञ ने कहा, “जीएसटी लागू करते समय भरोसा दिया गया था कि करदाताओं को सुनवाई का पूरा मौका मिलेगा। लेकिन सवाल यह है कि अब तक सिस्टम में छिपी कितनी ‘काली भेड़ों’ पर विभाग ने कार्रवाई की है?” रॉ मैटीरियल पर जीरो टैक्स का सुझाव फर्नेस संगठनों ने सरकार से मांग की है कि रॉ मैटीरियल पर जीएसटी को जीरो कर सीधे फाइनल प्रोडक्ट पर टैक्स लगाया जाए, ताकि फर्जी ITC का खेल खत्म हो सके। फर्नेस एसोसिएशन के अनुसार, “अगर टैक्स स्ट्रक्चर में इंटरवर्ड प्रक्रिया अपना सरल किया जाए तो चोरी की गुंजाइश अपने आप कम हो जाएगी। अभी व्यवस्था जटिल है और इसका खामियाजा ईमानदार उद्योग भुगत रहा है।” उद्योग में बढ़ती चिंता उद्योग जगत का कहना है कि अगर सिस्टम सुधार के बजाय केवल रेड और गिरफ्तारी का रास्ता अपनाया गया, तो निवेश और उत्पादन प्रभावित होगा। कई इकाइयों ने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं हुआ तो कारोबारी विरोध और उत्पादन रोकने जैसे कदम भी उठा सकते हैं।