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पंजाब/यूटर्न/16 फरवरी। पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा को उनके बैंड-बाजे वाले बयान मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने पंजाब एससी आयोग के नोटिस पर स्टे लगा दिया है। साथ ही, अदालत ने पंजाब सरकार को भी नोटिस जारी किया है। 7 फरवरी 2026 को अमृतसर के जंडियाला गुरु में कांग्रेस की मनरेगा के खिलाफ रैली आयोजित की गई थी। इस दौरान जब प्रताप सिंह बाजवा जनता को संबोधित कर रहे थे, तो उन्होंने कहा था, यहां वाला हरभजन सिंह ईटीओ पहले बैंड बजाता रहा है। मेरे भाइयों, शायद आपको पता नहीं होगा कि बड़े स्तर पर जो महकमा उसके पास है, उसमें लूट हो रही है। अब यह बैंड बजाने वाला नहीं रह गया है। इसने तो पंजाब का बैंड बजाना शुरू कर दिया है। इसलिए इसका बैंड अच्छी तरह बजाएंगे। यह हमारी वचनबद्धता है। नोट कर लो, हम भागने वाले नहीं हैं।”यह बयान उन्होंने आयोजित जनसभा के दौरान दिया था। इस मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई 16 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है। इसके बाद आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए उन्हें 11 फरवरी को तलब किया था। राजनीति को लेकर बयान दिया बाजवा की ओर से दलील दी गई है कि आयोग ने बिना किसी स्पष्ट जातिगत टिप्पणी या पर्याप्त प्रारंभिक तथ्यों के स्वतः संज्ञान ले लिया। उनका कहना है कि यह बयान पूरी तरह राजनीतिक संदर्भ में दिया गया था और इसका उद्देश्य किसी विशेष जाति को लेकर टिप्पणी करना नहीं था। वहीं, इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई। आम आदमी पार्टी ने 9 फरवरी को चंडीगढ़ में बाजवा के आवास की तरफ मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसी बीच मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘बैंड बजाकर रोजी-रोटी कमाना कोई अपराध नहीं है। ----