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चंडीगढ़/यूटर्न/1 मार्च। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका और इज़राइल के लगातार हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने 40 दिन का शोक शुरू कर दिया है। शनिवार के हमलों में खामेनेई की बेटी, दामाद और पोते के साथ टॉप सिक्योरिटी अधिकारी भी मारे गए। ये हत्याएं 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान की लीडरशिप के लिए सबसे बड़े झटकों में से एक हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के ऑफिस से जारी एक बयान के मुताबिक, उन्होंने इस हत्या की निंदा करते हुए इसे एक बड़ा जुर्म बताया। उन्होंने 40 दिन के शोक के अलावा सात दिन की पब्लिक छुट्टियों का भी ऐलान किया। खामेनेई की हत्या पर विरोध प्रदर्शन शुरु तेहरान से रिपोर्टिंग करते हुए, अल जज़ीरा के तोहिद असदी ने कहा कि खामेनेई की हत्या की खबर के बाद लोग राजधानी की सड़कों पर उमड़ पड़े। उन्होंने कहा, उम्मीद के मुताबिक समारोह होंगे और बताया कि ये शायद देश भर में लगातार बमबारी के बीच होंगे। खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए शिराज, यासुज और लोरेस्टन समेत दूसरी जगहों पर भी विरोध प्रदर्शन की खबरें आईं। इमाम रज़ा की दरगाह पर जताया दुख ईरानी सरकारी मीडिया पर दिखाए गए फुटेज में मशहद में इमाम रज़ा की दरगाह पर समर्थक दुख मनाते हुए दिख रहे हैं, जिसमें कई लोग रोते और दुख में गिरते हुए दिख रहे हैं। इस हत्या के बाद पड़ोसी देश इराक में भी विरोध प्रदर्शन हुए, जिसने तीन दिन का सार्वजनिक शोक घोषित किया। बगदाद में, प्रदर्शनकारियों ने भारी सुरक्षा वाले ग्रीन ज़ोन में सुरक्षा बलों का सामना किया, जहाँ इराकी सरकारी इमारतें और विदेशी दूतावास हैं। ---