Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 07 March : शहर में आवारा मवेशियों के बेहतर रख-रखाव और सुविधाओं की समीक्षा के लिए नगर निगम की काउ वेलफेयर कमेटी ने शनिवार को रायपुर कलां और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित कैटल पाउंड का निरीक्षण किया। निरीक्षण नगर निगम के स्पेशल कमिश्नर प्रदीप कुमार (आईएएस) की अध्यक्षता में किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित कैटल पाउंड की इमारत को काफी जर्जर और मवेशियों के लिए असुरक्षित पाया। इस पर कमेटी ने गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वहां मौजूद मवेशियों को तुरंत शहर की अन्य कार्यरत गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए, ताकि उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके। साथ ही संबंधित विभाग को यहां जल्द सिविल मरम्मत और संरचना को मजबूत करने के काम शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। कमेटी में सदस्य रमेश कुमार, विनोद बंसल, हेल्थ सुपरवाइजर मोहिंदर परथक और नगर निगम के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके बाद टीम ने रायपुर कलां स्थित गौशाला का भी निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई, प्रबंधन और मवेशियों की सेहत को संतोषजनक पाया गया। कमेटी ने गौशाला के स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि वहां पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से की जा रही है। स्पेशल कमिश्नर प्रदीप कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में सभी कैटल केयर सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और आवारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय, उचित इलाज और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।