Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 08 March। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग को लेकर रविवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन किया। यह विरोध मार्च पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति (PBBSC) के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (PUTA) ने भी भाग लिया। प्रदर्शन में प्रदेश भर से आए हजारों सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने सरकार से विधानसभा चुनाव 2022 से पहले किए गए वादे के अनुसार सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। पुटा के अध्यक्ष ने पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नवंबर 2022 में ओपीएस लागू करने की घोषणा के बावजूद अब तक इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी नहीं किया गया है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी करार दिया। पुटा नेताओं का कहना है कि बजट में इस मुद्दे पर कोई घोषणा करने के बजाय सरकार ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जो एक लोकतांत्रिक सरकार के लिए उचित नहीं है। पुटा ने सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार असंवेदनशील और दमनकारी है। पुटा नेताओं ने कहा कि कर्मचारी सरकार के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर पुटा के पदाधिकारी अमरजीत सिंह नूरा और मृत्युंजय कुमार सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।