Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 10 March : चंडीगढ़ पुलिस ने नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला सेक्टर-26 स्थित रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर के मल्टीमीडिया हॉल में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की गई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एसपी/हेडक्वार्टर एवं ट्रेनिंग यूटी चंडीगढ़ मनजीत के मार्गदर्शन और डीएसपी/ट्रेनिंग अमराव सिंह की निगरानी में आयोजित किया गया। कार्यशाला में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच कर रहे अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के कानूनी प्रावधानों और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में मुख्य संसाधन व्यक्ति के रूप में एल.एस. राणा, रिटायर्ड वाइस प्रिंसिपल, सीटीडीआई सेक्टर-36 चंडीगढ़ ने भाग लिया। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत सर्च और सीजर की प्रक्रिया, सबूतों के संग्रह, बरामद नशीले पदार्थों के सैंपलिंग व सीलिंग, चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने और अदालत में पेशी से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी बताया गया कि एनडीपीएस मामलों की जांच के दौरान किन कानूनी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करना जरूरी है, ताकि अदालत में केस मजबूत बन सके। कार्यक्रम का उद्देश्य जांच अधिकारियों की पेशेवर क्षमता को बढ़ाना और उन्हें NDPS मामलों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए प्रशिक्षित करना था। इस कार्यशाला में कॉन्स्टेबल से लेकर सब-इंस्पेक्टर रैंक तक के 45 पुलिस कर्मियों ने भाग लिया और इंटरैक्टिव सत्रों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।