Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की असफल विदेश नीति के कारण देश गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। विधानसभा में संबोधित करते हुए उन्होंने पंजाब में खाद कारखानों के बंद होने, पेट्रोलियम और गैस के स्टॉक को लेकर गंभीर चिंता जताई और इसे राज्य के साथ भेदभाव बताया। उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार देश में उपलब्ध पेट्रोलियम, एलपीजी और एलएनजी के वास्तविक स्टॉक के आंकड़े सार्वजनिक करे। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक द्वारा विधानसभा में पेश किए गए निंदा प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए हरजोत सिंह बैंस ने देशभर में पेट्रोलियम और एलपीजी के तेजी से घटते स्टॉक पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने केंद्र के आत्मनिर्भरता के दावों का जिक्र करते हुए कहा कि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से देश में पेट्रोलियम, एलपीजी और एलएनजी के सही स्टॉक के बारे में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र के प्रवक्ता यह दावा कर रहे हैं कि हमारे पास पेट्रोलियम और एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जबकि दूसरी ओर केंद्र द्वारा वाणिज्यिक आपूर्ति रोक दी गई है। स. हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब, विशेषकर इसकी कृषि अर्थव्यवस्था पर इस संकट के गंभीर प्रभावों को उजागर करते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि भाजपा सरकार की असफल विदेश नीति का स्पष्ट परिणाम है। उन्होंने नंगल और बठिंडा स्थित एनएफएल (नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड) के यूनिट बंद होने पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि आने वाला खरीफ बुवाई सीजन सीधे तौर पर खतरे में नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि नंगल और बठिंडा के खाद कारखाने लगभग बंद हो चुके हैं। हमारा यूरिया कहां से आएगा? हमारी खरीफ फसलों की बुवाई होने वाली है। यह हमारे किसानों की आजीविका से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पंजाब के प्लांट गैस की कमी के कारण बंद हो रहे हैं, उसी समय एनएफएल के पानीपत प्लांट को 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति दी जा रही है। यदि यह पंजाब के साथ स्पष्ट भेदभाव नहीं है तो फिर क्या है? स. हरजोत सिंह बैंस ने चेतावनी दी कि अभी यह स्थिति बहुत बड़ी नहीं लग रही, लेकिन यदि इसका समाधान नहीं किया गया तो देश को जल्द ही पेट्रोल और डीजल की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “कल वे कहेंगे कि पेट्रोल या डीजल नहीं है। यह केवल खेतों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि ऐसा ही चलता रहा तो हमारे हॉस्टल अपनी रसोई (मेस) बंद कर देंगे, हमारा पर्यटन उद्योग ठप हो जाएगा और इसका असर हमारी सशस्त्र सेनाओं पर भी पड़ेगा। यह मुद्दा देश के हर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।” भाजपा की विदेश नीति की विफलताओं की खुलकर निंदा करने का आह्वान करते हुए स. बैंस ने कहा कि हमें यह पूछना चाहिए कि पंजाब को सजा क्यों दी जा रही है। नंगल और बठिंडा में हमारे प्लांट क्यों बंद हैं, जबकि एनएफएल का पानीपत प्लांट पूरी क्षमता से चल रहा है? इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, पूरे देश को स्टॉक की वास्तविक स्थिति के बारे में सच जानने की आवश्यकता है।