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: प्रशासक की सलाहकार परिषद के सदस्य कमलजीत सिंह पंछी ने गुरुवार को सेक्टर-10 स्थित होटल माउंटव्यू चंडीगढ़ में आयोजित परिषद की बैठक में शहर के निवासियों और व्यापारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने चंडीगढ़ में खाली पड़े बूथों की नीलामी, शेयर-वार संपत्ति पंजीकरण बहाल करने और स्मार्ट पार्किंग प्रणाली लागू करने की मांग की। सेक्टर-17 में 2013 से खाली पड़े 40 बूथों का मुद्दा उठाया पंछी ने बैठक में बताया कि सेक्टर 17 मार्किट चंडीगढ़ के सेक्टर-17ए और 17बी में नए पुल के नीचे बने करीब 40 बूथ वर्ष 2013 से खाली पड़े हैं, जिससे म्युनिसिपल कारपोरेशन चंडीगढ़ को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि इन बूथों को उचित आरक्षित मूल्य पर फ्रीहोल्ड आधार पर नीलाम किया जाए, ताकि वास्तविक खरीदारों को आकर्षित किया जा सके और संपत्ति का बेहतर उपयोग हो सके। इसके अलावा उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि इच्छुक व्यापारियों को न्यूनतम आरक्षित मूल्य पर लचीली भुगतान शर्तों और किस्तों की सुविधा देकर भी यह बूथ दिए जा सकते हैं। शेयर-वार संपत्ति पंजीकरण बहाल करने की मांग पंछी ने कहा कि फरवरी 2023 से चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा शेयर-वार संपत्ति पंजीकरण पर रोक लगाए जाने से शहर के कई संपत्ति मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से लोगों के लिए अपनी संपत्ति का प्रबंधन, हस्तांतरण और नियमितीकरण मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए शेयर-वार संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू करने की भी उठाई मांग बैठक में पंछी ने चंडीगढ़ में स्मार्ट पार्किंग परियोजना के लंबे समय से लंबित होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बार-बार घोषणाओं के बावजूद शहर में अभी तक इस परियोजना को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। उनका कहना था कि सेक्टर-17 सहित कई बाजारों में पार्किंग व्यवस्था अव्यवस्थित है। पार्किंग स्थलों पर वाहनों के लिए स्पष्ट स्थान चिन्हित नहीं हैं, जिससे जाम और अव्यवस्था की समस्या बनी रहती है। साथ ही, पार्किंग शुल्क लेने के बावजूद वाहनों की सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शहर में स्मार्ट पार्किंग प्रणाली को जल्द लागू किया जाए, ताकि निवासियों, व्यापारियों और शहर आने वाले लोगों को बेहतर और व्यवस्थित पार्किंग सुविधा मिल सके।