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चंडीगढ़/यूटर्न/१४ मार्च। गतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (पीपीआईएस) – 2026 के दूसरे दिन एयरोस्पेस और रक्षा विषय पर आयोजित सत्र के दौरान देश के रक्षा ढांचे को मजबूत बनाने और इसमें पंजाब की संभावित भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। पंजाब के पक्ष को मजबूती से रखते हुए संसदीय मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पंजाब के पास एक उत्कृष्ट इकोसिस्टम है जो देश के रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने और महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। कैबिनेट मंत्री ने टर्बाइन बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी (टी.बी.आर.एल.) और लुधियाना स्थित सेंट्रल टूल रूम के अतिरिक्त राज्य में मौजूद 6 हवाई अड्डों का उल्लेख करते हुए इन्हें बेहतरीन तकनीकी और संपर्क सुविधाओं के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने हाल ही में रक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए एक रक्षा सम्मेलन भी आयोजित किया था। भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ ने रक्षा क्षेत्र में प्रमुख क्षमता वाले क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। औद्योगिक क्षेत्र की तर्ज पर रक्षा क्षेत्र में सेक्टोरल कमेटियां गठित करने की वकालत करते हुए जे.एस.डब्ल्यू. सरबलोह मोटर्स के सीईओ जसकीरत व्लादिमीर सिंह ने रक्षा निर्माण में एमएसएमई को शामिल करने के महत्व को भी रेखांकित किया। इनवेस्ट पंजाब के सीईओ श्री अमित ढाका ने पंजाब के मजबूत विनिर्माण आधार का उल्लेख करते हुए व्यापार करने में आसानी पर बल दिया और बताया कि राज्य में 45 दिनों के भीतर सभी आवश्यक अनुमतियां प्रदान कर दी जाती हैं।