Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
पंजाब/यूटर्न/15 मार्च।पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET) रविवार को जिले में कड़े इंतजामों के बीच आयोजित किया जा रहा है। हालांकि परीक्षा से पहले राज्यभर में शिक्षक संगठनों के विरोध और बॉयकॉट की घोषणा के कारण माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। जिला प्रशासन ने परीक्षा के लिए लुधियाना में कुल 42 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इनमें PSTET-I के लिए 19 और PSTET-II के लिए 23 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा दो सत्रों में होगी। पहला सत्र सुबह 9:30 बजे और दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा। अधिकारियों के अनुसार, पहले सत्र में 8364 उम्मीदवार परीक्षा देंगे, जबकि दूसरे सत्र में 6674 अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। जिले में परीक्षा के संचालन और समन्वय के लिए सरकारी माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीएयू को नोडल सेंटर बनाया गया है। पिछले सप्ताह बड़ी संख्या में शिक्षक चंडीगढ़ में इकट्ठा हुए और PSTET को अनिवार्य बनाने के फैसले का विरोध किया। उनका कहना है कि दशकों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों से दोबारा पात्रता साबित करवाना उचित नहीं है। लुधियाना में भी कुछ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने परीक्षा का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। सरकारी प्राइमरी स्कूल लोहारा और जवाहर नगर के शिक्षकों ने विरोध स्वरूप परीक्षा में शामिल न होने की घोषणा की है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) के संयुक्त सचिव रूपिंदर सिंह गिल ने कहा कि, संगठन सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहा है और राज्य सरकार से रिट याचिका दाखिल करने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि 25 साल से ज्यादा सेवा दे चुके शिक्षकों को दोबारा अपनी योग्यता साबित करने के लिए परीक्षा देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। वहीं DTF के जिला प्रधान दलजीत सिंह समराला ने कहा कि कई शिक्षक परीक्षा तो देंगे, लेकिन विरोध दर्ज कराने के लिए काली पट्टी बांधकर परीक्षा में शामिल होंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि सभी केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से कराई जा सके।