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चक्रवात दितवाह की तबाही के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति से बात की, निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया
दितवा चक्रवात ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। इस चक्रवात के कारण अब तक करीब 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। देशभर में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते श्रीलंका सरकार ने आपातकाल की घोषणा की है। लगभग डेढ़ लाख लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। श्रीलंका में चक्रवात से हुई जानमाल की भारी क्षति और व्यापक तबाही पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने चक्रवात के बाद की स्थिति और राहत कार्यों को लेकर श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से फोन पर बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हर तरह से सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने चक्रवात से हुई जनहानि और नुकसान पर अपनी संवेदना प्रकट की और कहा कि इस कठिन समय में भारत हमेशा श्रीलंका के साथ खड़ा रहेगा। आपदा के तुरंत बाद राहत दलों और आवश्यक सामग्री भेजने के लिए राष्ट्रपति दिसानायके ने भारत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत की मदद बहुत तेज़ और प्रभावी रही है, जिसकी श्रीलंका के लोगों ने सराहना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा दिलाया कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत पीड़ितों को राहत और सहायता प्रदान की जाती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंका में पुनर्वास कार्यों, सार्वजनिक सेवाओं की बहाली और लोगों की आजीविका को दोबारा पटरी पर लाने के लिए भारत भविष्य में भी हर संभव सहायता देता रहेगा।