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चंडीगढ़ 17 March। भ्रष्टाचार के मामले में फंसे पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे को लेकर सीबीआई कोर्ट में चुनौती दी है। भुल्लर ने अदालत से मांग की है कि उनके खिलाफ केस चलाने के लिए लिए गए संज्ञान आदेश को वापस लिया जाए। भुल्लर की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि सीबीआई द्वारा दाखिल किया गया चालान अधूरा है और मुकदमा चलाने से पहले राज्य सरकार से जरूरी मंजूरी भी नहीं ली गई। इस आधार पर उन्होंने अदालत से संज्ञान आदेश रद्द करने की अपील की है। भुल्लर के वकील एसपीएस भुल्लर ने अदालत में दलील दी कि सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में अभी कई अहम दस्तावेज शामिल नहीं किए गए हैं। उन्हें सीएफएसएल (केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) की रिपोर्ट और कुछ अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में अधूरी जांच के आधार पर अदालत द्वारा संज्ञान लेना उचित नहीं है। वकील ने यह भी तर्क दिया कि भुल्लर उस समय पंजाब में तैनात थे, इसलिए उनके खिलाफ केस चलाने से पहले पंजाब सरकार से अनुमति ली जानी चाहिए थी। मामले में कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा ने भी सीबीआई कोर्ट के संज्ञान आदेश को चुनौती दी है। दोनों आरोपितों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी। 13 मार्च को कोर्ट ने लिया था संज्ञान इससे पहले 13 मार्च को सीबीआई कोर्ट ने भुल्लर और कृष्णु शारदा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा चलाने के लिए संज्ञान लिया था। सीबीआई को पिछले महीने ही भुल्लर के खिलाफ केस चलाने के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी मिली थी। चूंकि भुल्लर आईपीएस अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति जरूरी थी। रिश्वत लेने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2025 को डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था। दोनों पर मंडी गोबिंदगढ़ के एक कारोबारी से 8 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद से दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। घर से बरामद हुए करोड़ों रुपये और सोना गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित भुल्लर के घर पर छापा मारा था। तलाशी के दौरान करीब 7.5 करोड़ रुपये नकद, लगभग ढाई किलो सोना, महंगी घड़ियां, शराब और कई प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे। इसके बाद सीबीआई ने भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज कर लिया था।