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चंडीगढ़/ यूटर्न/ 18 मार्च।कुपवाड़ा के बुंगम हैयहामा गांव में डिजिटल कनेक्टिविटी की खराब स्थिति को लेकर लोगों में गुस्सा और निराशा बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि टेलीकॉम कंपनियां पूरी तरह लापरवाही बरत रही हैं, जिसके कारण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बेहद खराब हो चुकी हैं। डिजिटल विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, हैयहामा की जमीनी हकीकत काफी निराशाजनक है। Reliance Jio और Bharti Airtel की सेवाएं यहां लोगों के लिए रोज़ की परेशानी बन गई हैं, जहां बुनियादी कनेक्टिविटी भी ठीक से नहीं मिल पा रही। एक स्थानीय निवासी ने नाराज़गी जताते हुए कहा, “आज के डिजिटल युग में जब पूरी दुनिया जुड़ी हुई है, हमारे बच्चों को नेटवर्क पकड़ने के लिए एक जगह से दूसरी जगह भटकना पड़ता है। यह सिस्टम की बड़ी विफलता है।” इस समस्या का सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ रहा है। वे ऑनलाइन पढ़ाई, स्टडी मटेरियल डाउनलोड करने और शैक्षणिक प्लेटफॉर्म से जुड़ने में असमर्थ हैं। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में अपने बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए श्रीनगर भेजना पड़ रहा है, क्योंकि गांव में भरोसेमंद इंटरनेट सुविधा नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि खराब नेटवर्क के कारण ऑनलाइन बैंकिंग, सरकारी योजनाओं का लाभ और आपातकालीन संपर्क जैसी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। एक अन्य ग्रामीण ने कहा, “जियो और एयरटेल दोनों हमारे लिए सिरदर्द बन चुके हैं। हम पैसे दे रहे हैं, लेकिन सेवाएं नहीं मिल रही।” गांव के लोगों ने प्रशासन और टेलीकॉम कंपनियों से अपील की है कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। उन्होंने यहां तक कहा कि वे मोबाइल टावर लगाने के लिए जमीन देने को भी तैयार हैं। “हम जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन हमें सिर्फ वादे नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए,” उन्होंने कहा। अब हैयहामा, कुपवाड़ा के लोगों का सब्र टूटता जा रहा है और वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द हस्तक्षेप करे और टेलीकॉम कंपनियों को जवाबदेह बनाते हुए नेटवर्क सुधार के लिए तत्काल कदम उठाए।