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पंजाब/ यूटर्न/20 मार्च।मोहाली की एक अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए नगर निगम टीम पर हमले के मामले में आरोपी गुरमीत सिंह उर्फ काला और गुरप्रीत सिंह को छह साल बाद नियमित जमानत दे दी है। यह मामला 4 सितंबर 2020 को गांव मटौर का है, जब आवारा पशुओं को पकड़ने गई टीम पर हमला हुआ था। बुधवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दायर की गई थी, जिसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 483 के तहत पहली अर्जी बताया गया। कोर्ट ने राज्य को नोटिस जारी कर पुलिस रिकॉर्ड मंगवाया। एफआईआर में आरोप था कि आरोपियों ने टीम पर हमला किया, जबकि बचाव पक्ष ने इसे झूठा मामला बताया। अभियोजन पक्ष ने गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि हथियारों या चोटों का ठोस विवरण उपलब्ध नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि धारा 307 (हत्या के प्रयास) को साबित करने के लिए कोई मेडिकल रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने इसे “खाली दावा” मानते हुए आरोपियों को 80-80 हजार रुपये के जमानत बांड पर रिहा करने का आदेश दिया।