Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
जगरांव/ यूटर्न/21 मार्च।शहर के रायकोट रोड स्थित गांधी नगर (वार्ड नंबर 10) में पिछले एक महीने से बदहाल सीवरेज व्यवस्था ने स्थानीय निवासियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार को स्थिति तब बेकाबू हो गई जब सड़कों और नालियों में बहने वाला सीवरेज का गंदा पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुसने लगा। इस गंभीर जलभराव और प्रशासनिक अनदेखी से आक्रोशित होकर मोहल्लेवासियों ने स्थानीय पार्षद रमेश कुमार सहोता (मेषी) के नेतृत्व में नगर कौंसिल के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पीने के पानी में मिल रहा सीवरेज, मंडराया बीमारियों का खतरा स्थानीय निवासियों- बलदेव सिंह, जगतार सिंह, बूटा सिंह, छिंदर सिंह, गुरचरण सिंह और मीता सिंह ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सीवरेज का दूषित पानी अब पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनों में भी मिल रहा है। इसके चलते पानी पीने लायक तो दूर, दैनिक कार्यों में इस्तेमाल करने योग्य भी नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को रोजाना इसी दुर्गंधयुक्त पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे इलाके में महामारी फैलने का डर बना हुआ है। अधिकारियों का घेराव और तत्काल सफाई का आदेश धरने की सूचना मिलते ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जब नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान कंवरपाल वहां आए, तो उन्हें लोगों के तीखे सवालों और भारी रोष का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट लहजे में पूछा कि जब वे नगर परिषद को समय पर सभी टैक्स चुका रहे हैं, तो बुनियादी सुविधाओं में उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है? लोगों के उग्र होते गुस्से को देखते हुए और स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए, अधिकारियों ने तुरंत सफाई कर्मचारियों की टीमें मौके पर बुलाईं और जलभराव की निकासी का काम शुरू करवाया गया।