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चंडीगढ़/यूटर्न/21 मार्च। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को राज्य विधानसभा में 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। सुक्खू ने आज कहा कि 1952 के बाद यह पहली बार है जब केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के बिना बजट पेश किया जा रहा है। वित्त विभाग का प्रभार संभालने वाले सुक्खू ने वर्ष 2026-27 के लिए अपना चौथा बजट पेश करते हुए अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा, राज्य को आरडीजी अनुदान रोकना हिमाचल के लोगों के साथ अन्याय और नाइंसाफी है। राज्य की गंभीर वित्तीय स्थिति को देखते हुए, सीएम सुक्खू ने अस्थायी वेतन स्थगन की घोषणा की: छह महीने के लिए सीएम के वेतन में 50 प्रतिशत, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत, और विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत की कटौती। हाई कोर्ट और जिला न्यायपालिका से भी 20-30 प्रतिशत वेतन स्थगन पर विचार करने को कहा गया है। सुक्खू ने आश्वासन दिया कि वित्तीय स्थिति में सुधार होते ही ये कटौतियां वापस ले ली जाएंगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में मनरेगा जारी रहेगा और चार लाख मानव-दिवस सृजित किए जाएंगे, जिसके लिए राज्य अपने कोष से धन उपलब्ध कराएगा। इससे राज्य सरकार पर 300 से 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। सबसे गरीब परिवारों के नाम होंगे शामिल सीएम ने कहा कि राज्य की बीपीएल सूची में विशेष रूप से सबसे गरीब परिवारों के नाम शामिल किए जाएंगे। वर्तमान में, राज्य में 2.65 लाख बीपीएल परिवार हैं, और अब सरकार सबसे गरीब परिवारों की पहचान कर रही है ताकि उनका उत्थान किया जा सके। 'मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना' के तहत एक लाख वंचित और सबसे गरीब परिवारों की मदद की जाएगी। इन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। इनमें से जिन 27,000 परिवारों के पास पक्का मकान नहीं है, उन्हें घर बनाने के लिए सहायता दी जाएगी; साथ ही, अपनी गारंटी पूरी करने के वादे के तहत इन परिवारों की सभी महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाएंगे। 8000 हेक्टेयर जमीन पर वृक्षारोपण होगा वहीं, वन क्षेत्र के लिए, 2026-27 तक हरित आवरण को 29.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 32 प्रतिशत किया जाएगा; 8,000 हेक्टेयर ज़मीन पर वृक्षारोपण किया जाएगा, जिसके लिए 55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है; महिलाओं और युवा मंडलों को वृक्षारोपण के काम में शामिल किया जाएगा ताकि उन्हें नियमित आय सुनिश्चित हो सके; इको-टूरिज़्म को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके तहत 50 नए स्थल विकसित किए जाएंगे; 50 वन गेस्ट हाउसों के लिए बुकिंग ऑनलाइन की जाएगी। 2.32 लाख किसान प्राकृतिक जैविक खेती में लगे मुख्यमंत्री का कहना है कि 2.32 लाख किसान प्राकृतिक जैविक खेती में लगे हुए हैं। जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए एक विशेष मार्केटिंग योजना शुरू की गई है। उन्होंने जैविक रूप से उगाए गए गेहूं के एमएसपी में 60 रुपये से 80 रुपये तक, मक्का के एमएसपी में 40 रुपये से 50 रुपये तक और हल्दी के एमएसपी में 90 रुपये से 150 रुपये तक की बढ़ोतरी की घोषणा की। विपक्ष पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने शुरू में ही विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह हिमाचल विरोधी है और आरडीजी के लिए हिमाचल के पक्ष का समर्थन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इस बात के लिए BJP को कभी माफ नहीं करेगी। नाराज़ विपक्ष सदन के वेल (बीच के हिस्से) तक मार्च करते हुए पहुंचा और मुख्यमंत्री की टिप्पणियों के विरोध में नारेबाज़ी करने लगा। इस भारी हंगामे के बीच भी मुख्यमंत्री अपना बजट भाषण पढ़ते रहे। स्पीकर कुलदीप पठानिया ने विपक्ष के सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह करते हुए सदन में व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की। ---