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चंडीगढ़/ यूटर्न/23 मार्च।शहर में लापरवाही के हैरान करने वाले मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला पीआर-7 रोड का है, जहां प्रशासनिक उदासीनता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने इस मार्ग को बेहद खतरनाक बना दिया है। जानकारी के अनुसार, सड़क के बीचों-बीच खंभे रखकर रास्ता बंद कर दिया गया है, लेकिन मौके पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही रेडियम लाइट या रिफ्लेक्टर की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है और इस दौरान कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, खासकर रात के समय जब अंधेरे में वाहन चालकों को ये खंभे दिखाई नहीं देते। शुक्रवार रात एक बार फिर इस लापरवाही की कीमत एक वाहन चालक को चुकानी पड़ी। मिली जानकारी के अनुसार, एक स्कोडा रैपिड कार तेज रफ्तार में पीआर-7 रोड पर आ रही थी। अचानक सामने खंभे नजर आने पर चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और कार खंभों से टकरा गई। हादसे में वाहन का निचला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सड़क नेशनल हाईवे से जुड़ी हुई है, जहां आमतौर पर वाहन तेज रफ्तार में चलते हैं। ऐसे में बिना किसी चेतावनी के रास्ता बंद करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। उन्होंने यह भी बताया कि गूगल मैप पर यह सड़क अब भी खुली दिखाई दे रही है, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन चालक अनजाने में इस खतरे का शिकार हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि सड़क बंद करनी थी, तो उचित बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए थे। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द स्थिति सुधारने और सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग उठाई है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले कार्रवाई की जा सके।