Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
जम्मू कश्मीर/यूटर्न/ 24 मार्च।जम्मू-कश्मीर में मौसम में सुधार और देशभर में परीक्षाओं के समाप्त होने के चलते पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने आज केंद्र शासित प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए, ताकि 22 अप्रैल 2025 जैसी पहलगाम आतंकी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। गृह सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्य सचिव अतल डुल्लू, गृह सचिव चंद्राकर भारती, डीजीपी नलिन प्रभात सहित पुलिस और खुफिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में विशेष रूप से पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर जोर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, इस साल अप्रैल से पर्यटन में बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन किसी भी आतंकी हमले से सीजन प्रभावित हो सकता है। इसलिए पर्यटकों और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय गाइड शामिल थे। इसके बाद भारतीय सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाकर आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया था। बैठक में माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। साथ ही जम्मू क्षेत्र के पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों की समीक्षा की गई, जिन्हें बर्फ पिघलने के बाद और तेज किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छिपे आतंकियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करें। सेना, अर्धसैनिक बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। इसके अलावा बैठक में जम्मू-कश्मीर पुलिस की वित्तीय स्थिति और 2026-27 के बजट पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस बल को आधुनिक हथियारों और उपकरणों से लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि वह आतंकवाद और अन्य अपराधों से प्रभावी ढंग से निपट सके।