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आगामी नगर परिषद चुनाव पुरानी वार्डबंदी के अनुसार होने के आसार जीरकपुर 03 Jan : आगामी नगर परिषद चुनाव को लेकर पंजाब सरकार द्वारा जीरकपुर में की गई नई वार्डबंदी पर फिलहाल रोक लगती नजर आ रही है। नई वार्डबंदी के खिलाफ नगर परिषद के लगभग सभी पार्षदों द्वारा विरोध प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष उदयवीर सिंह ढिल्लों ने इस वार्डबंदी को अदालत में चुनौती दी थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए माननीय अदालत ने पंजाब सरकार को नोटिस टू स्टे जारी कर दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद नई वार्डबंदी के आधार पर चुनाव कराने की प्रक्रिया पर अस्थायी रूप से विराम लग गया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को होगी, जिसके बाद अदालत द्वारा अंतिम फैसला सुनाए जाने की संभावना है। जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को जीरकपुर नगर परिषद क्षेत्र की नई वार्डबंदी की आधिकारिक घोषणा की गई थी। इसके साथ ही नई वार्डबंदी का नक्शा नगर परिषद कार्यालय के बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया। नक्शा सामने आते ही नगर परिषद के अधिकांश पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी। पार्षदों का आरोप था कि नई वार्डबंदी में जनसंख्या संतुलन, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक सुविधा जैसे बुनियादी मानकों को नजरअंदाज किया गया है, जिससे कई वार्डों में असमानता पैदा हो रही है। सरकार की ओर से 29 दिसंबर 2025 तक इस नई वार्डबंदी को लेकर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। तय प्रक्रिया के तहत आपत्तियां मिलने के बाद इस वार्डबंदी को नोटिफाई करने के लिए संबंधित विभाग को भेजा जाना था, जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी। हालांकि, इसी बीच मामला अदालत पहुंच गया। अदालत में याचिका दायर होने के कारण सरकार इस वार्डबंदी को अंतिम रूप से नोटिफाई नहीं कर सकी। कानूनी जानकारों और स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अदालत की कार्यवाही और बड़ी संख्या में दाखिल आपत्तियों को देखते हुए इस वार्डबंदी के लागू होने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि अदालत ने नई वार्डबंदी में खामियां पाईं या सरकार की प्रक्रिया को नियमों के विपरीत माना, तो आगामी नगर परिषद चुनाव पुरानी वार्डबंदी के अनुसार ही कराए जा सकते हैं। इससे चुनावी तैयारियों में जुटे संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की रणनीति पर भी सीधा असर पड़ेगा। गौरतलब है कि जीरकपुर नगर परिषद का मौजूदा कार्यकाल 5 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में समय रहते चुनाव कराना अनिवार्य है। यदि नई वार्डबंदी को लेकर विवाद लंबा खिंचता है, तो प्रशासन के सामने चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की चुनौती भी खड़ी हो सकती है। फिलहाल अदालत के नोटिस टू स्टे के बाद स्थिति स्पष्ट होने तक चुनाव प्रक्रिया को लेकर असमंजस बना हुआ है। कोट “नगर परिषद की टर्म 5 अप्रैल 2026 को खत्म हो रही है। नियमों के अनुसार जो नई वार्डबंदी की गई थी, वह पूरी तरह गलत थी। हमने इस नई वार्डबंदी को अदालत में चुनौती दी थी, जिसके बाद माननीय अदालत ने सरकार को नोटिस टू स्टे जारी किया है। अब नगर परिषद के चुनाव पुरानी वार्डबंदी के अनुसार ही होने चाहिए।” — उदयवीर सिंह ढिल्लों, अध्यक्ष, नगर परिषद जीरकपुर