Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
अशोक सहगल लुधियाना यूटर्न 29 मार्च : महानगर में शुरू हुए अचानक मच्छरों के प्रकोप से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी परेशान है क्योंकि इतनी जल्दी तो उन्होंने सोचा भी नहीं था जितनी जल्दी डेंगू का प्रकोप सामने आने लग गया विशेषज्ञों के अनुसार इसी बीच होने वाली बारिश डेंगू के ऊपर को और भी बढ़ा सकती है मार्च के आखिरी सप्ताह में डेंगू के मामले सामने आने पर नगर निगम पर स्वास्थ्य विभाग अभी खाली हाथ दिखाई देते हैं क्योंकि ना तो अभी फॉगिंग का शेड्यूल बना है और ना ही फोकल सप्रे का मच्छरों से बचाव के लिए दवा का कितना प्रबंध है यह भी अभी स्पष्ट नहीं है डेंगू से बच्चों को अधिक खतरा डेंगू के शुरू हुए प्रकोप के मध्य नजर यह भी सामने आया है कि मरीजों में काफी संख्या बच्चों की भी सामने आ रही है विशेषज्ञ ने कहा कि डेंगू बुखार से कई बच्चे भी सामने आ रहे हैं इसलिए राज्य की सभी म्यूनिसिपल कमेटियों, निगमों को जिलों के शहरी क्षेत्र के स्कूलों में फॉगिंग, मच्छर मारने की दवाई का छिड़काव करवाए जाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। यह प्रक्रिया इस मौसम तथा भविष्य के लिए भी जारी रखी जाए। इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सभी सरकारी स्कूलों के बच्चों को इस मौसम में पूरी ड्रैस डालकर आने को कहा जाए। यह प्रक्रिया इस मौसम में तथा भविष्य में भी जारी रखी जाए। उल्लेखनीय है कि विशेषज्ञों द्वारा डेंगू से बचाव के लिए पूरा शरीर ढक कर रखने वाले कपड़े पहनने को कहा जाता है परंतु बहुत से स्कूल ड्रेस कोड के चलते हैं बचाव कार्यों संबंधी निर्देशों का पालन नहीं करते निजी स्कूल अपने स्तर पर करें बचाव : निजी स्कूलों के बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी जिलों के एलीमेंटरी व सैकेंडरी शिक्षा अफसरों को निर्देश जाएं कि वे अपने-अपने जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों निर्देश दें कि वे अपने स्कूलों में फॉगिंग करवाएं और इसके लिए निजी मशीनों की खरीद करें अथवा मशीनें किराए पर लेकर इस बचाव कार्य को पूरा करें। इसके अलावा सभी सिविल सर्जनों को स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास व पंचायती विभाग से तालमेल करके सर्वे करवाया जाए और अगर कहीं भी मच्छर का लारखा मिलता है तो वहां स्प्रे किया जाए। इसके अलावा घरों में भी मच्छर भगाने वाले मेट का इस्तेमाल किया जाए बच्चों को बाहर खेलने जाने से पहले उन्हें मच्छरों भागने वाली क्रीम लगाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चे पूरे कपड़े पहन कर खेलने के लिए जाए सुबह शाम अधिक सक्रिय होता है डेंगू का मच्छर विशेषज्ञों के अनुसार सुबह-शाम को डेंगू का मच्छर अधिक सक्रिय होता है ऐसे में बचाव संबंधी कार्यों का विशेष ध्यान रखा जाए इसके अलावा अपने घर के आसपास छत पर पानी खड़ा ना होने दे अपने घर में लगे पौधों को सीमित मात्रा में संचित करें विशेषज्ञों ने आगे बताया कि 5 मि.ली. पानी जमा हो जाए तो वहां भी मच्छर पनप सकते हैं। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक बार अपने घर के कूलरों, पक्षियों के पानी के बर्तनों, गमलों, छतों पर लगे सजावटी पौधों का पानी बदलना चाहिए और सूखने के बाद दोबारा पानी भरना चाहिए। शरीर को मच्छरों से बचाने के लिए शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, मच्छरदानी का प्रयोग करें, मच्छर भगाने वाली दवाओं का प्रयोग करें।