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भारत–चीन संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सकारात्मक प्रगति देखी जा रही है और भारत इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
नई दिल्ली: चीन की यात्रा करते समय या चीन के रास्ते आवागमन (ट्रांजिट) के दौरान उचित सावधानी बरतने की सलाह भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को दी है। यह ताज़ा निर्देश पिछले महीने भारतीय महिला पेमा वांगजोम थांगडोक के साथ चीन के शंघाई में ट्रांजिट हॉल्ट के दौरान हुए कड़वे अनुभव के बाद जारी किए गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि चीन की यात्रा करने वाले या चीन के रास्ते से गुजरने वाले भारतीयों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीजिंग अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रा नियमों का सम्मान करेगा। रणधीर जायसवाल ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश पूरी तरह से भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह बात पहले भी कई बार कही जा चुकी है और इस मामले में किसी भी तरह के हस्तक्षेप की भारत को आवश्यकता नहीं है। भारत–चीन संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल रही है और भारत इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। पिछले महीने पेमा वांगजोम थांगडोक लंदन से जापान जाते समय ट्रांजिट हॉल्ट के लिए चीन के शंघाई में उतरी थीं। उन्होंने बताया कि उनका राज्य अरुणाचल प्रदेश होने के कारण चीनी अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट अमान्य बताते हुए उन्हें रोक लिया था। बाद में स्थानीय भारतीय दूतावास से संपर्क करने पर उन्हें सहायता मिली। इस घटना की भारत ने कड़ी निंदा की थी। हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि थांगडोक को हिरासत में नहीं लिया गया था।