Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
पंजाब/यूटर्न/1 अप्रैल। रामगढ़ भुड्डा और नाभा क्षेत्र में हर साल बरसाती पानी से फसलों के डूबने की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने स्टॉर्म सीवर प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। करीब 2 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से शुरू इस योजना से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार करीब 50 एकड़ खेती योग्य जमीन में लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण फसलें खराब हो जाती थीं या बुवाई तक संभव नहीं हो पाती थी। इससे किसानों को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। साथ ही जलभराव के कारण मच्छरों व अन्य जहरीले जीवों की संख्या बढ़ने से आसपास की कॉलोनियों के लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। 2.5 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछेगी प्रोजेक्ट के तहत पीआर-7 एयरपोर्ट रोड से पाइप डालने का काम शुरू कर दिया गया है, जो नाभा साहिब के सामने से होते हुए घग्गर नदी तक जाएगा। इस योजना में करीब 2.5 किलोमीटर लंबी और चार फुट व्यास की पाइप लाइन बिछाई जा रही है, जिससे बरसाती पानी की सीधी निकासी संभव हो सकेगी। समय पर काम पूरा करने के निर्देश विभाग की एसडीओ साक्षी जिंदल ने बताया कि प्रोजेक्ट की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और ठेकेदार को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से खेतों और रिहायशी इलाकों में जलभराव की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि यह योजना पहले शुरू हो जाती तो उन्हें वर्षों से हो रहे नुकसान से बचाया जा सकता था। अब सभी को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद फसलों को डूबने से बचाया जा सकेगा और क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।