Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
14 जगह छापे, 2 गिरफ्तार — राजनीतिक कनेक्शन वाले भुगतान दस्तावेज जब्त चंडीगढ़/अमृतसर, 4 जनवरी। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने जैसे गंभीर और आस्था से जुड़े मामले में अब जांच सिर्फ आरोपियों तक सीमित नहीं, बल्कि सत्ता और प्रभावशाली चेहरों की परतें उधेड़ने की दिशा में बढ़ती नजर आ रही है। विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) ने पंजाब और चंडीगढ़ में 14 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि राजनीतिक कनेक्शन वाले संदिग्ध वित्तीय लेन-देन जांच के दायरे में आ गए हैं। एस.आई.टी. द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप और स्टोरेज डिवाइस के साथ-साथ ऐसे वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिनमें कंपनियों द्वारा किए गए भुगतान सीधे-सीधे नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, यही कड़ियां अब जांच का सबसे संवेदनशील और विस्फोटक हिस्सा बन चुकी हैं। प्रवक्ता के अनुसार, अमृतसर के थाना सी-डिवीजन में दर्ज एफ.आई.आर. में 16 लोगों को नामजद किया गया था। दो की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी 14 पर शिकंजा कसता जा रहा है। अब तक सतिंदर सिंह कोहली और कंवलजीत सिंह उर्फ कवलजीत सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है। कंवलजीत सिंह पर पावन स्वरूपों की मर्यादा, रख-रखाव और अनधिकृत छपाई में गंभीर लापरवाही के आरोप हैं। जांच के दौरान अमृतसर शहर में 8, चंडीगढ़ में 2, जबकि गुरदासपुर, रोपड़, तरनतारन और अमृतसर देहाती में 1-1 स्थान पर छापेमारी की गई। डिजिटल सबूतों की फोरेंसिक जांच शुरू हो चुकी है, जिससे पैसे, आदेश और संरक्षण देने वालों तक पहुंचने की तैयारी है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई के बाद खलबली मची हुई है, क्योंकि मामला अब केवल धार्मिक लापरवाही नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में पनपे सिस्टमेटिक अपराध की ओर इशारा कर रहा है। एस.आई.टी. ने साफ संकेत दिए हैं कि यह जांच किसी दबाव में नहीं रुकेगी और आने वाले दिनों में और छापे व गिरफ्तारियां तय मानी जा रही हैं।