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अमृतसर/यूटर्न/5 अप्रैल। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने बैसाखी (खालसा साजना दिवस) के अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले जत्थे के कार्यक्रम में बदलाव किया है। एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने बताया कि अब श्रद्धालु 10 अप्रैल को पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे और 19 अप्रैल को वापस लौटेंगे। बता दें कि, पहले यह जत्था 12 अप्रैल को रवाना होकर 21 अप्रैल को लौटने वाला था। इस यात्रा के लिए एसजीपीसी द्वारा 1860 पासपोर्ट भेजे गए हैं। लगभग 1800 श्रद्धालुओं को वीजा मिलने की उम्मीद है। 1947 के बंटवारे के बाद पाकिस्तान में रह गए गुरुद्वारों के दर्शन को लेकर संगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है। हर श्रद्धालु को गुरुद्वारों के दर्शन करने की पूरी स्वतंत्रता इसी बीच, एसजीपीसी ने अकेली महिलाओं के यात्रा पर जाने को लेकर फैली अफवाहों को खारिज किया है। मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने स्पष्ट किया कि कमेटी की ओर से ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। हर श्रद्धालु को गुरुद्वारों के दर्शन करने की पूरी स्वतंत्रता है। हालांकि, उन्होंने सुरक्षा और सहूलियत के मद्देनजर सलाह दी कि महिलाएं यदि किसी पारिवारिक सदस्य (जैसे भाई, बेटा या अन्य महिला साथी) के साथ यात्रा करें तो उनका सफर अधिक सुरक्षित और आसान हो सकता है। जत्थे के साथ यात्रा करने का अपना अलग मन्नण ने यह भी कहा कि जत्थे के साथ यात्रा करने का अपना अलग अनुभव और संतोष होता है, जहां जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद भी की जा सकती है। एसजीपीसी का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना है। --