Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़। पंजाब सरकार की स्वास्थ्य योजना राज्य के लाखों लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित रहने वाले मरीजों को अब बड़े पैमाने पर राहत मिल रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस योजना का मकसद इलाज को आम आदमी की पहुंच में लाना है, ताकि किसी की जिंदगी पैसों की कमी के कारण खतरे में न पड़े। मंत्री के अनुसार, राज्यभर में 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा गया है, जहां मरीजों को पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। अब तक 2 लाख से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है, जिनमें 40 हजार से ज्यादा सर्जरी शामिल हैं। इन उपचारों पर 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया जा चुका है, जो इस योजना के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ी राहत योजना का सबसे बड़ा असर किडनी, कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में देखने को मिला है। • 68 हजार से अधिक किडनी मरीजों को नियमित डायलिसिस की सुविधा दी गई, जिस पर 14 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुआ। • 14 हजार से अधिक कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिन पर 35 करोड़ रुपये खर्च किए गए। हृदय रोगियों को नई जिंदगी मंत्री ने बताया कि 5700 से अधिक हृदय रोगियों का एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर जैसे उपचार इस योजना के तहत किया गया है। इन पर 47 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आया। इसके अलावा PGIMER में जटिल कार्डियक सर्जरी भी पूरी तरह कैशलेस की गई, जिसकी लागत निजी अस्पतालों में लाखों रुपये तक होती है। दुर्लभ बीमारियों का भी मुफ्त इलाज योजना के तहत दुर्लभ और जटिल बीमारियों का इलाज भी संभव हो पाया है। बठिंडा में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से पीड़ित एक मरीज का करीब 4.6 लाख रुपये का इलाज मुफ्त किया गया। वहीं, समय से पहले जन्मे एक नवजात के इलाज पर 4.35 लाख रुपये सरकार ने खर्च किए। गांव-गांव पहुंच रही योजना डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार अब गांव-गांव विशेष कैंप लगाकर लोगों को स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि डायलिसिस, कैंसर और हृदय रोग जैसे मामलों में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है और यह योजना न केवल जीवन बचा रही है, बल्कि परिवारों को आर्थिक और मानसिक राहत भी दे रही है। सरकार का दावा है कि मजबूत स्वास्थ्य ढांचे, व्यापक नेटवर्क और मुफ्त इलाज की सुविधा के बल पर पंजाब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।