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अजीत झा. चंडीगढ़ : चंडीगढ़ के सेक्टर-45 में अवैध निर्माण हटाने को लेकर चल रही कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी रही, लेकिन स्थानीय विरोध और राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते हालात तनावपूर्ण हो गए। बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन को अंततः कार्रवाई अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की टीम पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में वॉयलेशन हटाने का अभियान चला रही थी। बुधवार को जैसे ही कार्रवाई आगे बढ़ी, बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी विरोध में उतर आए। इस दौरान मेयर सौरभ जोशी समेत विभिन्न दलों के पार्षद मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े हो गए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और पार्षदों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने कुछ पार्षदों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया, जिससे माहौल और गरमा गया। इसके बावजूद प्रशासनिक टीम अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए थी। नगर निगम की बैठक छोड़कर मौके पर पहुंचे मेयर सौरभ जोशी ने अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई रोकने की मांग की। मांग पूरी न होने पर वे अन्य पार्षदों के साथ धरने पर बैठ गए और स्पष्ट किया कि कार्रवाई बंद होने तक वे नहीं हटेंगे। इस दौरान आम आदमी पार्टी के नेता शादाब राठी भी लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन में डटे रहे। पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लिया। तनावपूर्ण हालात और बढ़ते विरोध को देखते हुए हाउसिंग बोर्ड की टीम ने अंततः अभियान रोक दिया और मौके से लौट गई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत की जा रही है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को निर्धारित है, जिसमें प्रशासन को स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शहर में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध निर्माणों के बजाय प्रशासन छोटे-छोटे बदलाव करने वाले हाउसिंग बोर्ड मकानों पर कार्रवाई कर रहा है। उनका कहना है कि जरूरत के अनुसार किए गए मामूली संशोधनों को भी हटाया जा रहा है, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि शहर में हाउसिंग बोर्ड के करीब 62 हजार मकान हैं, जिनमें बड़ी संख्या में निवासियों ने समय-समय पर छोटे बदलाव किए हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध लगातार तेज हो रहा है।