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अशोक सहगल : लुधियाना यूटर्न 13 अप्रैल : पंजाब विजिलेंस ने पंजाब स्टेट सीड सर्टिफिकेशन अथॉरिटी, लुधियाना में तैनात सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी अमृतपाल सिंह को 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए आज यहां राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को जिला मानसा के वार्ड नंबर 10 के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता एक बीज उत्पादक है, जो मानसा में मैसर्स पंजाब एग्री सीड फार्म चलाता है। उसकी फर्म पंजाब या राज्य के बाहर की कृषि विश्वविद्यालयों से ब्रीडर बीज (प्रथम श्रेणी के बीज) प्राप्त करती है और खरीदी गई फसलों से बीज तैयार करती है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी फर्म ने विभिन्न विश्वविद्यालयों और फाउंडेशन सीड स्रोतों के माध्यम से लगभग 510 हेक्टेयर (1275 एकड़) भूमि में गेहूं के बीज बोए थे। इस फसल की जांच की जिम्मेदारी आरोपी अमृतपाल सिंह, सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी की थी। इस संबंध में आरोपी लगभग 10 दिन पहले बोई गई फसल के निरीक्षण के लिए फार्म पर आया था और फसल वाले खेत दिखाने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने निरीक्षण रिपोर्ट को फसल के पक्ष में बनाने के बदले 200 रुपये प्रति हेक्टेयर (510×200 = 1,02,000 रुपये) रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने के दौरान हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था। चूंकि शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो रेंज बठिंडा से संपर्क किया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना बठिंडा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।