ED का बड़ा खुलासा: दिल्ली-NCR में छापे, गाजियाबाद की कंपनी पर ₹6 करोड़ से अधिक विदेशी धन से नैरेटिव वॉर का आरोप
नई दिल्ली | 5 जनवरी :
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक संप्रभुता और नीति-निर्माण को प्रभावित करने की आशंका के बीच दिल्ली-NCR में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। कार्रवाई गाजियाबाद स्थित Satat Sampada Private Limited (SSPL) के खिलाफ की गई है, जिस पर विदेशी फंडिंग के ज़रिये भारत में जीवाश्म ईंधन विरोधी एजेंडा चलाने और FEMA, 1999 के गंभीर उल्लंघन का आरोप है।
ED के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच कंपनी को ₹6 करोड़ से अधिक की विदेशी इनवर्ड रेमिटेंस प्राप्त हुई। यह धन कंसल्टेंसी शुल्क के नाम पर लिया गया, लेकिन जांच में सामने आया कि वास्तविक उद्देश्य Fossil Fuel Non-Proliferation Treaty (FF-NPT) को भारत में आगे बढ़ाना था — एक ऐसा प्रस्ताव जो अपनाए जाने पर भारत को अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवादों में फंसा सकता है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को झटका दे सकता है।
🔥 ऑर्गेनिक खेती की आड़, असल मक़सद कुछ और!
कंपनी ने खुद को ऑर्गेनिक खेती और एग्रो-प्रोड्यूस से जुड़ा दिखाया, लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि यह सब मुखौटा था। असल में SSPL को विदेशी-प्रभावित एक्टिविज़्म के लिए फंडिंग चैनल के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
वित्तीय जांच में खुलासा हुआ कि 2020–21 से पहले कंपनी घाटे में थी, जबकि 2021 के बाद विदेशी फंड आने के साथ ही अचानक मुनाफ़े में पहुंच गई। आरोप है कि कई लेन-देन को कंसल्टेंसी व बिक्री के रूप में दिखाया गया और कुछ राशि निजी खातों में भी डाइवर्ट की गई।
⬛ फैक्ट बॉक्स | विदेशी फंडिंग का नेटवर्क फंड देने वाली संस्थाएं: Climate Action Network, Stand.earth
इन संस्थाओं को फंड: Rockefeller Philanthropy Advisors जैसी Prior Reference NGOs से
ED का आरोप : भारत में नीति-प्रभाव अभियान (Policy Influence Operations)
पाकिस्तान-बांग्लादेश कनेक्शन
फरवरी 2025: पाकिस्तान — Breathe Pakistan Summit में भागीदारी
दिसंबर 2025: बांग्लादेश — Sher-e-Bangla University में बिना आधिकारिक निमंत्रण व्याख्यान
उस समय बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शन जारी थे
यात्राओं की फंडिंग अब जांच के घेरे में
एक्शन बॉक्स | घर से शराब, गिरफ्तारी
गाजियाबाद स्थित हरजीत सिंह के आवास से भारतीय व विदेशी शराब की भारी खेप बरामद हुई, जो तय सीमा से अधिक थी।
सूचना पर UP आबकारी विभाग ने शराब जब्त कर आबकारी कानून के तहत गिरफ्तारी की।
🟥 ED का सख़्त संदेश
“विदेशी फंड के उद्देश्य की गलत घोषणा, FEMA उल्लंघन और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ गतिविधियों की गहराई से जांच की जा रही है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”