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बसों के कब्जे से जाम ट्यूबवेल, टैंकर चालकों को घंटों इंतजार,
नगर परिषद की अनदेखी से पानी सप्लाई प्रभावित, कार्रवाई की मांग तेज
जीरकपुर 19 Apr : शहर में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। ओल्ड कालका रोड स्थित गोल्ड मार्क सोसाइटी और प्रेस क्लब के समीप नगर परिषद की खाली जमीन पर बने ट्यूबवेल से पानी भरना टैंकर चालकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मुख्य वॉटर सप्लाई मोटर के आसपास निजी यूनिवर्सिटी की बसों और ट्रैवलर्स वाहनों ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है। इस कारण शहर के विभिन्न इलाकों में पानी पहुंचाने वाले टैंकरों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। हालात ऐसे हैं कि कई बार टैंकर समय पर पानी नहीं भर पाते, जिससे सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ट्यूबवेल के पास खड़े भारी वाहनों के चलते निकासी पाइप तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इससे पानी भरने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है और शहर के कई हिस्सों में देरी से पानी पहुंचता है। बॉक्स सालों से बनी है समस्या, ड्राइवरों को करना पड़ता घंटों इंतजार पानी सप्लाई करने वाले टैंकर चालक गुरचरण सिंह ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और अब हालात बदतर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कई बार आपात स्थिति में पानी पहुंचाना होता है, लेकिन ट्यूबवेल पर बसें खड़ी होने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अक्सर निकासी पाइप के सामने ही बसें और अन्य वाहन खड़े होते हैं और उनके चालक मौके पर मौजूद नहीं होते। ऐसे में टैंकर को पाइप के पास लगाने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। ड्राइवरों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जनता की नाराजगी झेल रहे चालक टैंकर चालकों का कहना है कि देरी से पानी पहुंचने पर आम लोग उन्हीं पर गुस्सा निकालते हैं। लोग समय पर पानी न मिलने का जिम्मेदार ड्राइवरों को ठहराते हैं, जबकि असल समस्या अवैध पार्किंग है। कार्रवाई की मांग ठेकेदार कुलदीप सिंह ने नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल के आसपास ‘नो पार्किंग’ के बोर्ड लगाए जाएं और अवैध रूप से खड़ी बसों व ट्रैवलर्स पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही ट्रैफिक पुलिस को नियमित रूप से चालान कर व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए, ताकि शहर में पेयजल आपूर्ति बाधित न हो।