Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
श्री सुखमनी इंटरनेशनल स्कूल, डेराबस्सी के 14 कर्मचारियों को कथित तौर पर अवैध तरीके से निकाले जाने के विरोध में मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर हजारों श्रमिक सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने डेराबस्सी बस स्टैंड से लेकर हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा की कोठी तक विशाल पैदल मार्च निकाला और स्कूल प्रबंधन व श्रम विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मार्च के समापन पर विधायक की ओर से परमजीत सिंह रंधावा ने मौके पर पहुंचकर संगठनों का मांग पत्र प्राप्त किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर इस विवाद को सुलझाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और कर्मचारियों की नौकरी बहाल करवाने की दिशा में कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल प्रबंधन टालमटोल करता है तो पंजाब सरकार के माध्यम से कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। रैली को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तय समय के भीतर कर्मचारियों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर श्रम आयुक्त को निर्देश जारी करने और कर्मचारियों की बहाली सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में मनप्रीत अमराला, जगतार सिंह झरमड़ी, रणजीत सिंह राणा, हरनाम सिंह, जगतार सिंह बटोली, सुरिंदर सिंह जड़ोत, रविंदरपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, हरी सिंह बहोड़ा, गुरविंदर सिंह, लखविंदर सिंह हैप्पी, भूपेंद्र सिंह बाछल, तरलोचन सिंह, रुस्तम शेख, रजिंदर सिंह एकम सिद्धू, महिंदर सिंह सैनी, चंद्रपाल अतरी और विनोद चुघ सहित कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने ऐलान किया कि जब तक सभी कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल जाता, संघर्ष जारी रहेगा। विधायक के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया और एक सप्ताह बाद अगली रणनीति तय करने की बात कही।