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पंजाब में गैंगस्टर संस्कृति को लेकर जारी बहस के बीच एक नई वेब सीरीज ने कानूनी मोर्चा खोल दिया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर प्रस्तावित ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका पंजाब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग द्वारा दाखिल की गई है। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख तय की है। याचिका में कहा गया है कि यह वेब सीरीज कथित तौर पर कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित है, जिसमें उसके छात्र जीवन से लेकर अपराध जगत में उसके उभार तक की कहानी दिखाई गई है। “अपराध का महिमामंडन” का आरोप याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह की प्रस्तुति अपराधियों की छवि को महिमामंडित करती है और समाज, खासकर युवाओं पर नकारात्मक असर डाल सकती है। याचिका में तर्क दिया गया है कि पंजाब पहले ही गैंगस्टर गतिविधियों से प्रभावित है और ऐसे में इस प्रकार का कंटेंट गलत संदेश दे सकता है। ओटीटी कंटेंट पर उठे सवाल याचिका में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले कंटेंट के लिए सख्त और प्रभावी निगरानी तंत्र की कमी है, जिसके चलते संवेदनशील विषयों पर बनी सामग्री बिना पर्याप्त जांच के दर्शकों तक पहुंच जाती है। पहले भी उठाया गया था मामला बताया गया है कि इस संबंध में 21 अप्रैल को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संबंधित प्लेटफॉर्म को भी प्रतिनिधित्व भेजकर वेब सीरीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट से क्या मांग याचिकाकर्ता ने अदालत से अपील की है कि इस वेब सीरीज के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाई जाए और भविष्य में इस तरह के कंटेंट के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जाएं। अब इस मामले में हाई कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि विवादित वेब सीरीज पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है।