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पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पी.पी.सी.बी.) ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एन.सी.ए.पी.) के तहत “मिशन क्लीन एयर” मंडी गोबिंदगढ़ के संबंध में जिला प्रशासन के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक पी.पी.सी.बी. की चेयरपर्सन रीना गुप्ता और सदस्य सचिव डॉ. लवनीत कुमार दुबे की अगुवाई में आयोजित की। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद और अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर पूजा स्याल सहित नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग, एन.एच.ए.आई., पी.एस.आई.ई.सी., वन विभाग तथा जल आपूर्ति एवं सीवरेज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंडी गोबिंदगढ़ को निर्धारित एम्बिएंट एयर क्वालिटी मानकों को पूरा न करने के कारण ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ के रूप में चिन्हित किया गया है और यह एन.सी.ए.पी. के तहत विशेष ध्यान वाले शहरों में शामिल है। बैठक के दौरान पी.पी.सी.बी. द्वारा फील्ड सर्वे और स्रोत विभाजन (सोर्स अपोर्शनमेंट) अध्ययन के निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए, जिनमें सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक अवशेष और ठोस कचरे के अव्यवस्थित प्रबंधन को प्रदूषण के प्रमुख स्रोत बताया गया। इनके आधार पर पी.पी.सी.बी. ने विभिन्न विभागों के लिए समयबद्ध और प्रभावी सिफारिशें दीं, जिनमें सड़कों का सुधार, कचरा प्रबंधन, ट्रैफिक भीड़ कम करना और औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण शामिल हैं। पी.पी.सी.बी. की चेयरपर्सन ने जोर देकर कहा कि यह पहल किसी पर दोषारोपण करने के लिए नहीं, बल्कि साझा प्रयासों के माध्यम से मिशन मोड में काम करते हुए वायु गुणवत्ता में ठोस सुधार लाने के लिए है। हालांकि इस पहल की अगुवाई पी.पी.सी.बी. कर रहा है, लेकिन इसकी सफलता के लिए जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों का सहयोग आवश्यक होगा। यह निर्णय लिया गया कि अगले 12 महीनों के दौरान प्रगति की निगरानी त्रैमासिक समीक्षा बैठकों के माध्यम से की जाएगी और क्षेत्रीय कार्यालय, फतेहगढ़ साहिब, जमीनी स्तर पर कार्रवाई, नियमित निरीक्षण और विभागीय समन्वय की अगुवाई करेगा। बैठक के बाद तीन इंडक्शन फर्नेस उद्योगों का दौरा किया गया, जहां द्वितीयक उत्सर्जन को कम करने के लिए आधुनिक वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियां स्थापित की गई हैं, जिन्हें पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है। पी.पी.सी.बी. ने शेष औद्योगिक इकाइयों में भी इन तकनीकों को अपनाने को आसान बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे कणीय उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी आएगी और मंडी गोबिंदगढ़ की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। मिशन क्लीन एयर मंडी गोबिंदगढ़, पंजाब में स्थायी वायु गुणवत्ता सुधार के लिए एक केंद्रित, डेटा-आधारित और सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।