Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
पंचकूला पुलिस आयुक्त कार्यालय में डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में साइबर अपराध की रोकथाम और लंबित शिकायतों के त्वरित निवारण को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह सहित विभिन्न जांच अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में साइबर फ्रॉड के मामलों पर अंकुश लगाना और पीड़ितों को राहत पहुँचाने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना था। बैठक के दौरान डीसीपी क्राइम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जांच अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसीपी क्राइम ने विशेष रूप से उन मामलों पर जोर दिया जहाँ पीड़ितों की राशि बैंक खातों में होल्ड की गई है। उन्होंने आदेश दिए कि नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया और सुपरदारी के माध्यम से पीड़ितों को उनकी मेहनत की कमाई जल्द से जल्द वापस दिलवाई जाए, ताकि उन्हें आर्थिक मानसिक राहत मिल सके। पुराने और अनसुलझे मामलों को सुलझाने के लिए डीसीपी क्राइम एंड टैफिक ने एक विशेष कार्ययोजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पुराने मामलों के निपटान के लिए जल्द ही एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा, जो न केवल हरियाणा बल्कि राज्य से बाहर भी संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करेगी। कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित करने के लिए डीसीपी क्राइम ने यह भी कहा कि वे खुद हर सप्ताह लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही, जिले के हर कोने में साइबर जागरूकता अभियानों को और अधिक आक्रामक और व्यापक स्तर पर चलाने का निर्णय लिया गया है। डीसीपी क्राइम एंड टैफिक की आमजन को विशेष एडवाइजरी डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें। इसके अलावा अपना ओटीपी पिन या बैंक पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। बैंक कभी भी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगता। साथ ही व्हाट्सएप या ईमेल पर आने वाले लॉटरी, बिजली बिल कटने या केवाईसी अपडेट करने के लुभावने और डराने वाले लिंक पर क्लिक न करें। यदि आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए 1930 डायल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती 1-2 घंटे में रिपोर्ट करने पर पैसा वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है। साथ ही आमजन से अपील करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले साइबर जागरूकता कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और खुद को अपडेट रखें।