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चंडीगढ़/लुधियाना। Federation of Industrial & Commercial Organisation (FICO) ने ‘इन्वेस्ट पंजाब’ के तहत नई औद्योगिक नीति 2026 में लागू ‘अपफ्रंट फीस’ का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इसे उद्योगों के लिए अनुचित और निवेश के रास्ते में बाधा बताया है। नई नीति के अनुसार, किसी भी उद्यमी को रजिस्ट्रेशन के समय अपनी स्थिर पूंजी निवेश का 0.50% ‘अपफ्रंट फीस’ के रूप में जमा करना होगा। फिको के प्रधान Gurmeet Singh Kular ने कहा कि यदि कोई उद्योगपति ₹20 करोड़ का निवेश करता है, तो उसे ₹10 लाख अग्रिम शुल्क देना पड़ेगा, जो नए निवेशकों को हतोत्साहित करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann और उद्योग मंत्री Sanjeev Arora से इस फैसले की समीक्षा कर इसे वापस लेने की मांग की। फिको के आयोजन सचिव Ashpreet Singh Sahni ने कहा कि यह नियम पुराने उद्योगों पर भी लागू किया जा रहा है, जो पहले की नीति से नई नीति में स्थानांतरित होना चाहते हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। संगठन ने Punjab Small Industries & Export Corporation (PSIEC) की ‘वन टाइम सेटलमेंट’ स्कीम पर भी सवाल उठाए और ‘लीजहोल्ड’ से ‘फ्रीहोल्ड’ में बदलाव के दौरान दोहरे भुगतान को गलत बताया। फिको ने सरकार से इन प्रावधानों की समीक्षा कर उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की अपील की।