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सुखमणी इंटरनेशनल स्कूल से निकाले गए कर्मचारियों, किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने मजदूर दिवस के मौके पर 1 मई को डेराबस्सी में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने और विधायक के दफ्तर का घेराव करने का ऐलान किया है। यह फैसला सोमवार को ‘संघर्ष कमेटी सुखमणी डेराबस्सी’ की 12 सदस्यीय बैठक में लिया गया, जो स्कूल के बाहर चल रहे धरना स्थल पर आयोजित की गई। मीटिंग में नेताओं ने बताया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा 2 मार्च को कर्मचारियों को कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से नौकरी से हटा दिया गया था। इसके खिलाफ चल रहा संघर्ष अब 48वें दिन में पहुंच चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों द्वारा पहले विधायक की कोठी का घेराव करने के बाद उन्हें एक सप्ताह का समय दिया गया था, लेकिन अब तक न तो कोई कार्रवाई हुई है और न ही उनकी बात सुनी गई है। संघर्ष कमेटी के नेताओं ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान विधायक के छोटे भाई परमजीत सिंह रंधावा ने एक सप्ताह में समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक की ओर से फोन तक नहीं उठाए जा रहे, जिससे कर्मचारियों और संगठनों में भारी रोष है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर सभी कर्मचारी और संगठन डेराबस्सी बस स्टैंड पर एकत्रित होंगे। इसके बाद शहर में रोष मार्च निकाला जाएगा और विधायक के दफ्तर का बड़े स्तर पर घेराव कर विशाल रैली आयोजित की जाएगी। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने पंजाब सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें और किसी जिम्मेदार अधिकारी को नियुक्त कर इस विवाद का जल्द समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि अब उन्हें स्थानीय विधायक पर भरोसा नहीं रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 1 मई के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। बैठक में किसान और मजदूर संगठनों के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।