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रिटायर्ड मेजर जनरल से करोड़ के करीब वसूली, न कब्जा मिला न पैसा
नकद लेन-देन और बदले गए अलॉटमेंट लेटर ने बढ़ाया शक,






नकद डील, बदला अलॉटमेंट लेटर और गायब कब्जा: प्रॉपर्टी घोटाले का खुलासा
98 लाख लेने के बाद भी फ्लैट नहीं, जीरकपुर में बिल्डर पर केस दर्ज ,रिटायर्ड मेजर जनरल की शिकायत पर 406, 420 के तहत FIR
जीरकपुर 30 Apr : प्रॉपर्टी खरीद में नकद लेन-देन और दस्तावेजों में हेरफेर का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां फ्लैट दिलाने के नाम पर करीब 98.25 लाख रुपये लेने के बावजूद कब्जा नहीं दिया गया। जीरकपुर पुलिस ने इस मामले में बिल्डर और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का केस दर्ज किया है। मामला पीआर-7 रोड स्थित एक रिहायशी प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां शिकायतकर्ता ने 2022 में 3 बीएचके फ्लैट बुक कराया था। आरोप है कि कंपनी अधिकारियों ने भुगतान के लिए लगातार दबाव बनाया और खास तौर पर नकद राशि लेने पर जोर दिया। शिकायतकर्ता ने करीब 48 लाख रुपये नकद और बाकी रकम बैंक ट्रांसफर के जरिए दी। जांच में सामने आया कि भारी रकम लेने के बाद कंपनी ने पहले जारी किया गया अलॉटमेंट लेटर बदल दिया और कम कीमत दर्शाने वाला नया दस्तावेज जारी कर दिया। इससे पूरे लेन-देन पर संदेह और गहरा गया है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह टैक्स या अन्य वित्तीय अनियमितताओं को छिपाने की कोशिश तो नहीं थी। एग्रीमेंट के मुताबिक अगस्त 2024 तक फ्लैट का कब्जा दिया जाना था, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद न तो निर्माण पूरा हुआ और न ही खरीदार को कोई स्पष्ट जवाब मिला। जब शिकायतकर्ता ने साइट का दौरा किया तो वहां निर्माण कार्य बंद मिला। इससे पहले भी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची थी, जहां आरोपियों ने पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में वादे पूरे नहीं किए गए। अब पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर सभी वित्तीय रिकॉर्ड और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य खरीदारों की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और पीड़ित सामने आते हैं, तो केस और बड़ा हो सकता है। वहीं इस कार्रवाई के बाद इलाके में प्रॉपर्टी निवेश को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।