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उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय मामलों के कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज नगर निगम कमिश्नरों और अतिरिक्त उपायुक्तों (जी एंड यूडी) को पंजाब भर में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तुरंत, समन्वित और परिणाममुखी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस मुद्दे को गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य का मामला बताते हुए मंत्री ने कहा कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाली बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कुत्तों के काटने, बच्चों और बुजुर्गों पर हमले तथा रिहायशी इलाकों में घूमते आक्रामक झुंडों की घटनाओं ने लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। श्री अरोड़ा ने कहा कि आवारा कुत्तों का खतरा केवल सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि एक बड़ा जनस्वास्थ्य जोखिम भी है, क्योंकि कुत्तों के काटने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि पैदल चलने वाले, दोपहिया वाहन चालक और स्कूल जाने वाले बच्चे आवारा कुत्तों से परेशान हैं, जिससे कई बार हादसे और चोटें भी होती हैं। मंत्री ने बताया कि आवारा कुत्तों की अनियंत्रित आबादी बढ़ने का मुख्य कारण योजनाबद्ध नसबंदी की कमी और खराब कचरा प्रबंधन है, जिससे उन्हें आसानी से भोजन मिल जाता है। सार्वजनिक स्थानों पर खुले कूड़े के ढेर और खाद्य अपशिष्ट उनके फैलाव का बड़ा कारण हैं। इस समस्या के व्यापक समाधान के लिए श्री अरोड़ा ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए: मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने हेतु नसबंदी कार्यक्रमों का तुरंत विस्तार किया जाए। रेबीज और अन्य ज़ूनोटिक बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाए जाएं। आक्रामक या घायल पशुओं के प्रबंधन हेतु डॉग शेल्टर और होल्डिंग सुविधाओं को मजबूत किया जाए। आवारा कुत्तों के भोजन स्रोत खत्म करने के लिए कचरे के समय पर निपटान और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली में सुधार किया जाए। नियमित समीक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला और शहर स्तर पर निगरानी टीमें गठित की जाएं। नागरिकों को सुरक्षित व्यवहार और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी उपाय पशु कल्याण नियमों के अनुरूप सख्ती से लागू किए जाएं और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। श्री अरोड़ा ने निर्देश दिए कि इन पहलों को युद्ध स्तर पर लागू किया जाए ताकि ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थानीय निकायों, पशुपालन विभाग और गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर प्रभावी समन्वय बनाए रखने के लिए भी कहा। इस मामले में जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने सभी नगर निगम कमिश्नरों और एडीसी (जी एंड यूडी) को सात दिनों के भीतर अपने कार्यालय में विस्तृत कार्य योजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए श्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार सुरक्षित, स्वच्छ और नागरिक-अनुकूल शहरी वातावरण बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।