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देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों के लिए चंडीगढ़ नगर निगम ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। शुक्रवार को निगम सदन की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर पूर्व सैनिकों को उनके मकानों पर 100% हाउस टैक्स माफी देने का रास्ता साफ कर दिया गया। इस फैसले से शहर के हजारों पूर्व सैनिक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। अब पूरी टैक्स छूट, पहले मिलती थी 50% राहत नए निर्णय के तहत वे पूर्व सैनिक पात्र होंगे, जिनके नाम पर या पत्नी के साथ संयुक्त रूप से केवल एक ही रिहायशी मकान है और जो तय मानकों के भीतर आता है। अभी तक ऐसे मामलों में नगर निगम सिर्फ 50% टैक्स छूट देता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 100% कर दिया गया है। पंजाब-हरियाणा के बराबर सुविधा दरअसल, पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में पहले से ही पूर्व सैनिकों को पूरी टैक्स छूट मिल रही थी। चंडीगढ़ में यह सुविधा आधी होने के कारण लंबे समय से असमानता की शिकायत उठ रही थी। इसी को खत्म करने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया, जिसे सभी पार्षदों ने समर्थन दिया। निगम के खजाने पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर सदन में चर्चा के दौरान पार्षदों ने कहा कि पूर्व सैनिकों को सम्मान देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लाभार्थियों की संख्या सीमित होने के कारण निगम के राजस्व पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। लंबे समय से लंबित थी मांग कई पूर्व सैनिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों के पार्षदों के माध्यम से यह मुद्दा उठाया था। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने के बाद पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है। सम्मान और राहत—दोनों का संदेश इस फैसले को पूर्व सैनिकों के सम्मान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे जहां आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं यह भी संदेश जाएगा कि प्रशासन अपने सैनिकों के प्रति संवेदनशील है। विशेषज्ञों का मानना है कि चंडीगढ़ के इस फैसले के बाद अन्य शहरों में भी इसी तरह की पहल देखने को मिल सकती है।