Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर श्रम मंत्री श्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज पंजाब विधानसभा में पूरे राज्य के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी की दरों में संशोधन और वृद्धि संबंधी एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव 'श्रमिक दिवस' (मजदूर दिवस) के अवसर पर बुलाए गए विधानसभा के एक विशेष और ऐतिहासिक सत्र के दौरान सर्वसम्मति से पारित किया गया। मंत्री ने मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी की बेसिक दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद भी किया। प्रस्ताव पेश करते हुए श्रम मंत्री ने बताया कि देश, समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मजदूरों के बहुमूल्य योगदान को श्रद्धांजलि देने के लिए लगभग 69 वर्षों के बाद 1 मई को ऐसा ऐतिहासिक सत्र बुलाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर विकास परियोजना और प्रगति का हर मील का पत्थर मजदूरों के अथक प्रयासों, समर्पण और दृढ़ता के कारण ही संभव होता है। मई दिवस की ऐतिहासिक महत्वता का उल्लेख करते हुए श्री सौंद ने कहा कि यह दिन 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में हुए ऐतिहासिक आंदोलन के दौरान मजदूरों द्वारा दी गई कुर्बानियों की याद दिलाता है। उल्लेखनीय है कि मजदूरों की आठ घंटे काम करने की मांग भी इसी आंदोलन के परिणामस्वरूप उठी थी। यह दिन सामाजिक न्याय, बेहतर कार्य वातावरण और श्रम अधिकारों की निरंतर प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। मंत्री ने पंजाब की समृद्ध संस्कृति और शानदार आध्यात्मिक विरासत का हवाला देते हुए श्री गुरु नानक देव जी के सिद्धांत “किरत करो, नाम जपो, और वंड छको” को याद किया, जो न केवल आज के युग में प्रासंगिक हैं बल्कि श्रम की गरिमा और महत्व पर भी आधारित हैं। वर्तमान मजदूरी संरचना की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए मंत्री ने सदन को बताया कि पंजाब में न्यूनतम मजदूरी की बेसिक दरें आखिरी बार 2012 में संशोधित की गई थीं और अब हमारे दूरदर्शी मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान ने मजदूरों को यह अत्यंत आवश्यक राहत प्रदान करने का फैसला किया है। उन्होंने आगे कहा कि भले ही महंगाई भत्ते में समय-समय पर वृद्धि हुई हो, लेकिन मूल दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिसकी वजह से मजदूर वर्ग को बहुत नुकसान उठाना पड़ा है। समय पर संशोधन की आवश्यकता को पहचानते हुए सदन ने जोरदार सिफारिश की कि सरकार न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के लिए एक निर्णायक कदम उठाए। यह प्रस्ताव यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि कामगारों को राज्य के विकास और खुशहाली में उनके द्वारा दिए गए अथाह योगदान के लिए उचित मान्यता, उचित मुआवजा और सम्मान दिया जाए। सर्वसम्मति से प्रस्ताव का पारित होना पूरे पंजाब के मजदूरों की भलाई और उन्नति के लिए सदन की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। श्रम मंत्री ने क्रांतिकारी पंजाबी कवि संत राम उदासी की एक भावुक कविता भी सुनाई। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा मजदूरों के हित में किए गए सौहार्दपूर्ण प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा, श्री लाल चंद कटारूचक्क, विधायक प्रिंसिपल बुद्ध राम, लाभ सिंह उगोके, सरवजीत कौर मानूके समेत अन्य सदस्यों ने विचार-विमर्श में भाग लिया।