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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज जन सुरक्षा को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और नियामक ढांचे को और बेहतर बनाने पर केंद्रित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनमें नई फोरेंसिक विज्ञान प्रणाली, नई फार्म स्टे नीति और सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन कानून में संशोधनों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि साक्ष्यों की उचित प्रक्रिया और अपराधों की तेजी से जांच के माध्यम से जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय में, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब कैबिनेट ने आज डायरैक्टोरेट ऑफ फोरेंसिक साइंस सर्विसेज़ की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में निर्णय मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया। डायरैक्टोरेट ऑफ फोरेंसिक साइंस सर्विसेज़ (डी.एफ.एस.) पंजाब, जिसे पहले फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, पंजाब के नाम से जाना जाता था, गृह विभाग के नियंत्रण में होगा। डी.एफ.एस. के अधीन काम करने वाली क्षेत्रीय परीक्षण फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं को अब क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के रूप में जाना जाएगा, जबकि मुख्य रसायन जांच प्रयोगशाला, खरड़ को डी.एफ.एस. में विशेष टौकसीकोलौजी डिवीज़न के रूप में शामिल किया जाएगा। अमृतसर, बठिंडा और लुधियाना में काम कर रही क्षेत्रीय विज्ञान प्रयोगशालाओं में डी.एन.ए., बैलिस्टिक्स, साइबर फोरेंसिक्स, दस्तावेज और भौतिकी/ऑडियो वॉयस सहित नए तकनीकी डिवीजनों के सृजन के माध्यम से फोरेंसिक क्षमता को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही 28 मोबाइल फोरेंसिक यूनिटें स्थापित की जाएंगी, जिसमें प्रत्येक पुलिस जिले में एक साइंटिफिक अधिकारी (क्राइम सीन) की निगरानी में एक मोबाइल फोरेंसिक वैन काम करेगी। स्टाफिंग के मामले में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, रासायनिक ऐगज़ामीनर प्रयोगशाला और मनिस्टीरियल स्टाफ की स्वीकृत पदों को डी.एफ.एस. में समायोजित(एडजस्ट) किया जाएगा, जबकि तकनीकी स्टाफ के 266 अतिरिक्त पदों और मनिस्टीरियल स्टाफ के एक पद को सीधी भर्ती के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से सृजित और भरा जाएगा। फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला पंजाब, साहिबजादा अजीत सिंह नगर (एस.ए.एस. नगर) में वैज्ञानिक अधिकारियों और वैज्ञानिक सहायकों की बहाली और सीधी भर्ती के लिए मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही लैबाटरी असिस्टेंट और लैबाटरी अटेंडेंट की भर्ती को भी मंजूरी दी गई है। *किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फार्म स्टे नीति-2026 को सहमति* एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत मंत्रिमंडल ने किसानों की आय और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ाने के लिए फार्म स्टे नीति-2026 को सहमति दे दी है। इस नीति का उद्देश्य पंजाब भर के किसानों के लिए आय के स्थायी और नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ कृषि-आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। फार्म स्टे नीति-2026 पंजाब के मजबूत कृषि आधार, समृद्ध ग्रामीण संस्कृति और आतिथ्य रीति-रिवाजों के कारण फार्म स्टे को सामूहिक और पर्यटन विकास के स्तंभ के रूप में स्थापित करती है। यह नीति किसान-केंद्रित है और किसानों को उनकी भूमि के एक छोटे से हिस्से में बुनियादी कृषि पद्धतियों को बिगाड़े बिना अपनाने, खेतों में आवास, देशी व्यंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों की पेशकश करने में सक्षम बनाती है, ताकि वे अपनी उपजाऊ भूमि का वास्तविक अर्थों में लाभ उठा सकें। एक सक्षम और सरल नियामक ढांचा प्रदान करके, यह नीति प्रक्रियात्मक बाधाओं को कम करती है, व्यापार करने में आसानी को प्रोत्साहित करती है और ग्रामीण आबादी विशेषकर युवाओं को कृषि के साथ-साथ पर्यटन से जुड़े उद्यमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह नीति पर्यावरण-अनुकूल निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन, जल का सुचारू संरक्षण और जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करके स्थिरता पर जोर देती है। इस नीति का उद्देश्य न केवल ग्रामीण रोजगार पैदा करना, किसानों की आय बढ़ाना, कृषि संकट को कम करना और गांव-स्तरीय आर्थिक गतिविधियाँ पैदा करना है, बल्कि पर्यटकों को पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों, रीति-रिवाजों और जीवन शैली के गहरे अनुभव से अवगत कराना भी है। *सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) बिल, 2026 को सहमति* विधायी सुधारों पर मंत्रिमंडल ने सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860 में संशोधन करके सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) बिल, 2026 को भी सहमति दे दी है। इस विधेयक को पंजाब विधान सभा की स्वीकृति के लिए सदन के समक्ष पेश किया जाएगा।