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भारत के विकास का श्रेय मेहनतकशों को देते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि असली लोकतंत्र अमीरों की दौलत से नहीं, बल्कि मज़दूर वर्ग के सम्मान और खुशहाली से मापा जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की मज़दूरों के सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर विशेष विधानसभा सत्र को संबोधित करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि हमें इस पवित्र दिन पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर को नमन करना चाहिए क्योंकि यह दिन उन मेहनती मज़दूरों की मज़दूरी को सलाम करता है, जिन्हें बाबा साहब ने सशक्त बनाकर उनके सम्मान और कानूनी सुरक्षा को सुनिश्चित किया। उन्होंने आगे कहा कि देश की हर सड़क, फैक्ट्री, खेत और शहर अपने कामगारों के कंधों पर खड़ा है। बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर देश को भोजन देने तक, उद्योग चलाने से लेकर आवश्यक सेवाओं को संभालने तक, मज़दूर सामाजिक प्रगति और आर्थिक विकास की नींव हैं। श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि वह अपने सुनाम स्थित कार्यालय में "सेवा केंद्र" चला रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मज़दूर और आम नागरिक बिना भाग-दौड़ किए अपने काम आसानी से करवा सकें। उन्होंने 2022 के चुनाव अभियान का एक भावुक किस्सा साझा किया। सुनाम हलके के शाहपुर कलां गाँव की यात्रा को याद करते हुए श्री अरोड़ा ने बताया कि उन्हें तेज़ धूप में मनरेगा के तहत काम करने वाली बुजुर्ग महिलाओं (माइयों) ने रोका था। उन्होंने सदन को बताया कि उनमें से एक बुजुर्ग माता ने मुझे गले लगाया और 100 रुपये का घिसा हुआ नोट निकालकर मुझे देते हुए कहा कि अमन, मुझे आखिरकार मेरी पहली पेंशन मिल गई। यह 100 रुपये तेरे लिए, मेरा आशीर्वाद है। माता ने आगे कहा कि मुझे अकाली और कांग्रेस के राज में कभी पेंशन नहीं मिली थी, लेकिन तुम्हारे प्रयासों से यह संभव हुआ। राजनीति और कारोबार में पैसा आता-जाता रहता है। लेकिन उस माँ के खून-पसीने से कमाए यह 100 रुपये मेरे लिए करोड़ों रुपये से अधिक मायने रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि लोगों के अनुसार मैंने सुनाम सीट 75,000 से अधिक वोटों से जीती। लेकिन मैं कहूंगा कि ऐसा नहीं है, बल्कि यह उस माँ का आशीर्वाद था जिससे मैं जीता। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पेश किए गए विश्वास प्रस्ताव की आवश्यकता को सही ठहराते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर विधायकों की संख्या की बात करें तो इस पक्ष से हमें यह प्रस्ताव लाने की कोई आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि हमारे विधायक सदन में एक परिवार की तरह एकजुट होकर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि दरअसल हम यह प्रस्ताव कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा नेताओं को चुप कराने के लिए लाए हैं, जो बेकार की नौटंकी कर रहे थे। "मौक सत्र" चलाने पर विपक्षी दल पर तीखा हमला करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि एक सत्र चलाने के लिए, आपको एक स्पीकर, एक सरकार और एक विपक्ष की ज़रूरत होती है। आपके पास सिर्फ़ दो विधायक हैं। आप इसे कैसे चलाओगे? यह सिर्फ़ लोगों को गुमराह करने के लिए दिखावे हैं। उन्होंने फिर दोहराया कि 'आप' राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पूरी तरह से एकजुट है।