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"किसानों को जागरूक करते हुए डॉ. दहिया ने दिया अहम संदेश"
पानीपत (निर्मल सिंह): राज्य सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर कदम उठाया है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में और मुख्य मंत्री नायब सिंह के कुशल मार्गदर्शन में किसानों को फसल अवशेष जलाने से रोकने और उसे आय के साधन में बदलने के लिए ठोस पहल की है। इसी क्रम में उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने किसानों से सकारात्मक सहयोग की अपील की है। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि खेत से मंडी तक गेहूं के पहुंचने का कार्य अंतिम चरण में है। इस स्थिति में किसान फसल अवशेष जलाने की बजाय आधुनिक तकनीक अपनाएं। उपायुक्त ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। किसानों के सहयोग से प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि गेहूं के फसल अवशेष को जलाने से किसानों को आर्थिक और पर्यावरणीय नुकसान होता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आधुनिक फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों को अपनाएं और फसल अवशेष को उपयोगी संसाधन में बदलें। उपायुक्त ने बताया कि फसल अवशेष का उपयोग पशुओं के चारे, जैविक खाद निर्माण, बायोमास प्लांट, पेपर मिल और कम्पोस्ट यूनिट में किया जा सकता है। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता और नमी में सुधार होगा, बल्कि फसल की पैदावार भी बढ़ेगी। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि किसान हमेशा से प्रगतिशील रहे हैं। मेरा सभी किसान भाइयों से आग्रह है कि वे गेहूं के अवशेष जलाने जैसी पुरानी प्रथाओं को छोड़कर आधुनिक और लाभकारी विकल्प अपनाएं। सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि फसल अवशेष को जलाने से जहां पर्यावरण को नुकसान होता है, वहीं इसे सही तरीके से उपयोग में लाकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। यह कदम न केवल किसान के खेत की उर्वरता बढ़ाएगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित करेगा। उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि हम सब को मिलकर अवशेष मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को सफल बनाने की दिशा में कार्य करे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना सुनिश्चित करना चाहिए।फसल अवशेष को आग न लगाएं, इसे अपनाएं, कमाई बढ़ाएं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करें।