Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
डेराबस्सी 23 Jan : नाइब तहसीलदार द्वारा आम जनता के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के विरोध में बीकेयू उग्रहां किसान जत्थेबंदी ने शुक्रवार को तहसील कंप्लेक्स में बरसते मूसलाधार बारिश के बावजूद जोरदार धरना दिया। किसान जत्थेबंदी के सदस्यों ने तहसील के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में बैठकर नाइब तहसीलदार के खिलाफ कड़े नारेबाजी की और गंभीर आरोप लगाए। एसडीएम देराबसी अमित गुप्ता मौके पर पहुंचकर किसानों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना दोबारा नहीं होगी, जिसके बाद किसानों ने शांतिपूर्वक धरना समाप्त किया। इस दौरान बीकेयू उग्रहां के जिला प्रधान लखविंदर सिंह, गुरभजन सिंह धर्मगढ़, बंत सिंह कुरली, अंकित जैन,लखविंदर सिंह लख साधानपुर, हरजिंदर सिंह साधानपुर, गुरविंदर सिंह खजूर मंडी, तेजिंदर सिंह आलमगीर, ज्वाला सिंह खेड़ी जट्टां, करनैल सिंह जोला कलां, धर्मिंदर सिंह जोला कलां, अमरजीत सिंह तसिंबली, हरजीत सिंह बराना, बलदेव सिंह रुड़की, कुलवीर सिंह अंबछपा, निर्मल सिंह जंडली, देव सिंह मलकपुर, संजीव कुमार मलकपुर, महिंदर सिंह मलकपुर सहित अन्य उपस्थित थे। किसानों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार में सरकारी दफ्तरों में आम लोगों के साथ बदसलूकी और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि जिन कामों के लिए तहसीलदारों को पैसे मिल जाते हैं, वे काम आसानी से हो जाते हैं, जबकि आम लोग अपने रोज़मर्रा के कामों के लिए सरकारी दफ्तरों में परेशान होते हैं। विशेष रूप से उन्होंने नाइब तहसीलदार देराबसी हरसिमरन पर आरोप लगाया कि वे जनता के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और उन्हें दफ्तर से बाहर निकाल देते हैं। किसानों ने कहा कि इससे पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, पर उच्च अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। किसान नेताओं ने बताया कि काम कराने के लिए लोगों को टालमटोल की जाती है और कथित दलालों के जरिए ही काम होते हैं, जिनके रोजाना नाइब तहसीलदार से मिलने के सबूत मौजूद हैं। धरने के दौरान किसानों और थाना मुखिया सुमित मोर के बीच रजिस्ट्रेशन कार्यालय में बैठने को लेकर बहस भी हुई, लेकिन बाद में बारिश के कारण कोई दूसरी जगह नहीं होने पर विवाद खत्म हुआ। एसडीएम अमित गुप्ता ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों और नाइब तहसीलदार के बीच वार्ता कर मामले को सुलझाया और भविष्य में पुनः इस प्रकार की घटनाओं से बचने का भरोसा दिलाया। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में भी किसी के साथ दुर्व्यवहार हुआ तो वे संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे। नाइब तहसीलदार हरसिमरन ने इस मामले पर कहा कि वे रजिस्ट्रेशन का कार्य कर रहे थे और किसान नेता ने एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर के लिए कहा था, जिस पर उन्होंने कुछ देर इंतजार करने को कहा था। उन्होंने कहा कि वे लोगों की सेवा के लिए ही इस पद पर हैं और भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।