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चंडीगढ़ 23 Jan । लगातार हो रही तेज बारिश ने चंडीगढ़ में एक बड़ा हादसा होते-होते टाल दिया। मनीमाजरा के गोविंदपुर इलाके में शुक्रवार सुबह एक पुराने कच्चे मकान की छत अचानक ढह गई, जिससे अंदर मौजूद तीन बच्चे मलबे में दबकर घायल हो गए। पड़ोसियों की त्वरित मदद से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे उनकी जान बच सकी। हादसे के समय मकान के भीतर 12 वर्षीय सनी, 14 वर्षीय गौरव और उसका भाई राहुल मौजूद थे। तीनों बच्चे घर के अंदर खेल रहे थे, तभी अचानक मिट्टी की बनी छत भरभराकर गिर पड़ी। मलबे की चपेट में आने से गौरव के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि सनी और राहुल को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें लगी हैं। पड़ोसियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी देरी के मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो हालात और गंभीर हो सकते थे। अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर घायल बच्चों को पहले मनीमाजरा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने तीनों को सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सकों के मुताबिक तीनों बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। पुराना और कच्चा मकान बना हादसे की वजह स्थानीय निवासी विकास ने बताया कि जिस मकान की छत गिरी, वह काफी पुराना और कच्चा था। छत मिट्टी की बनी हुई थी, जो लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण कमजोर हो गई थी। सुबह पास के मकान की दीवार का हिस्सा छत पर गिरा, जिससे पूरा ढांचा ढह गया। प्रशासन हरकत में, जांच के आदेश घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी संजीव कोहली मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हादसे के कारणों की जांच कराई जा रही है। साथ ही इलाके में मौजूद अन्य कच्चे मकानों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में कच्चे और जर्जर मकानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।