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श्रीनगर, 24 जनवरी: राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 के अवसर पर अधिवक्ता साइका राशिद ने देशभर में बालिकाओं के सशक्तिकरण और संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि समानता और सतत प्रगति पर आधारित समाज के निर्माण के लिए यह प्रतिबद्धता अत्यंत आवश्यक है। अधिवक्ता साइका राशिद ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा और समग्र कल्याण को पहचानने और उन्हें प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि ऐसा वातावरण तैयार करना, जहां बालिकाएं सुरक्षित और आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ सकें, इसके लिए परिवारों, समुदायों, संस्थानों और नीति-निर्माताओं का संयुक्त प्रयास अनिवार्य है। अधिवक्ता साइका राशिद ने कहा, “बालिकाओं का सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास और सौहार्द की मजबूत नींव है। जब बालिकाओं को सुरक्षा और समान अवसर मिलते हैं, तो शिक्षा, आर्थिक भागीदारी और नेतृत्व के माध्यम से पूरा देश लाभान्वित होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि आज भी कई बालिकाएं भेदभाव, शिक्षा तक सीमित पहुंच और हिंसा के खतरे जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही हैं। अधिवक्ता साइका राशिद ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतियों और जमीनी स्तर की पहलों को और अधिक मजबूत किया जाए।