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चंडीगढ़ 26 Jan । 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पीजीआई चंडीगढ़ ने मरीजों और उनके परिजनों की सुविधाओं को लेकर दूरगामी घोषणाएं कीं। संस्थान के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने पीजीआई मुख्य परिसर और सारंगपुर के बीच अंडरग्राउंड टनल के प्रस्ताव तथा सारंगपुर में विश्राम सदन की स्थापना को पीजीआई की पेशेंट-फर्स्ट सोच का अहम हिस्सा बताया। पीजीआई–सारंगपुर के बीच बनेगी अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी समारोह के दौरान निदेशक ने जानकारी दी कि मुख्य परिसर और सारंगपुर कैंपस को जोड़ने के लिए अंडरग्राउंड टनल निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके निर्माण से मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य सेवाओं की आवाजाही आसान होगी और सड़क यातायात पर दबाव भी कम होगा। प्रो. विवेक लाल ने कहा कि सारंगपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ आने वाले वर्षों में भीड़ और ट्रैफिक बढ़ना तय है। ऐसे में भूमिगत कनेक्टिविटी भविष्य की जरूरत है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना है। सारंगपुर में बनेगा विश्राम सदन, तीमारदारों को मिलेगी राहत सारंगपुर को लेकर दूसरी बड़ी घोषणा विश्राम सदन की रही। निदेशक ने बताया कि अदानी समूह की ओर से 6,000 वर्ग मीटर भूमि पर बिना किसी लागत के पीजीआई के लिए विश्राम सदन का निर्माण किया जा रहा है। यह सुविधा खास तौर पर उन मरीजों के परिजनों के लिए होगी, जो दूर-दराज से इलाज के लिए आते हैं और ठहरने की दिक्कतों से जूझते हैं। इसे करुणामूलक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में बड़ा कदम बताया गया। सारंगपुर बनेगा भविष्य का हेल्थ हब प्रो. विवेक लाल ने कहा कि सैटेलाइट सेंटर, नई चिकित्सा सुविधाओं और सहयोगी संस्थानों के विकसित होने से सारंगपुर पीजीआई के विस्तार का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे मुख्य परिसर पर मरीजों का बोझ कम होगा। ऑपरेशन सिंदूर में पीजीआई की अहम भूमिका निदेशक ने ऑपरेशन सिंदूर में पीजीआई की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह संस्थान की आपात तैयारियों और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का प्रमाण है। उन्होंने इस अभियान के दौरान तैनात ड्राइवरों, नर्सिंग स्टाफ, रेजिडेंट डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की। सर्जरी का वेटिंग टाइम घटा, ट्रांसप्लांट में अग्रणी पीजीआई क्लिनिकल सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ऑपरेशन थिएटर का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक किए जाने से सर्जरी की प्रतीक्षा अवधि में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आई है। वहीं ग्रीन कॉरिडोर और मजबूत लॉजिस्टिक सिस्टम के चलते पीजीआई रीनल और जटिल अंग प्रत्यारोपण में देशभर में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कर्मचारियों और रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए अहम फैसले प्रशासनिक स्तर पर वर्षों से लंबित तकनीकी और गैर-फैकल्टी कर्मचारियों के प्रमोशन मामलों के समाधान की घोषणा भी की गई। रेजिडेंट डॉक्टरों को संस्थान की रीढ़ बताते हुए निदेशक ने उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।समारोह के अंत में प्रो. विवेक लाल ने कहा कि पीजीआई ज्ञान, सेवा और अनुसंधान का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है और गणतंत्र दिवस संस्थान को उसके संवैधानिक दायित्वों की याद दिलाता है।