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मार्बल-फर्नीचर कारोबार को मिलेगी नई पहचान चंडीगढ़ 29 Jan । शहर के व्यापारिक नक्शे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर-56 में विकसित किए गए आधुनिक Bulk Market में अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह से प्लॉट्स और बूथ्स की नीलामी का फैसला लिया है। करीब 44 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹20 करोड़ खर्च कर आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है, जिससे शहर का बिखरा व्यापार एक सुव्यवस्थित ढांचे में आएगा। इस Bulk Market में कुल 191 एक-कनाल कमर्शियल प्लॉट और 48 बूथ साइट्स विकसित की गई हैं। अलॉटीज़ को यहां बेसमेंट + तीन मंज़िल तक निर्माण की अनुमति होगी, ताकि बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा सकें। 📦 मार्बल और फर्नीचर कारोबार को राहत यह नया मार्केट मुख्य रूप से धनास के पुराने मार्बल मार्केट को शिफ्ट करने के लिए तैयार किया गया है। इसके साथ ही सेक्टर-54 से विस्थापित फर्नीचर व्यापारियों को भी यहां नीलामी में भाग लेने का अवसर मिलेगा। प्रशासन के अनुसार नीलामी प्रक्रिया सभी पात्र व्यापारियों के लिए खुली रहेगी। 🌱 पर्यावरण मंज़ूरी बनी बड़ी बाधा अब तक इस परियोजना में सबसे बड़ी चुनौती Environment Clearance रही है। 20 हजार वर्ग गज से अधिक क्षेत्र वाले प्रोजेक्ट्स के लिए पर्यावरण मंत्रालय की मंज़ूरी जरूरी होती है। प्रशासन को उम्मीद है कि फरवरी के पहले हफ्ते तक मंज़ूरी मिल जाएगी, जिसके बाद मई 2026 से शिफ्टिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। परियोजना के तहत आवश्यक अनुमतियों के बाद 332 पेड़ों को हटाया गया है। वहीं धनास का मौजूदा मार्बल मार्केट लगभग 200 एकड़ कृषि योग्य ज़मीन पर फैला है, जो शिफ्टिंग के बाद खाली हो जाएगी। 📜 Leasehold नीति पर अडिग प्रशासन प्रशासन ने साफ किया है कि सभी प्लॉट्स और बूथ्स Leasehold आधार पर ही नीलाम किए जाएंगे और इन्हें Freehold में कन्वर्ट नहीं किया जाएगा। रिज़र्व प्राइस: ₹3 लाख प्रति वर्ग गज FAR: 1.5 (बढ़ाने पर विचार जारी) हालांकि व्यापारी Freehold की मांग कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल प्रशासन अपनी नीति पर कायम है। ⚖️ हाईकोर्ट के आदेशों की पृष्ठभूमि धनास और सारंगपुर के मार्बल मार्केट्स को पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट अवैध घोषित कर चुका है। इसी कड़ी में पिछले साल सेक्टर-53 का फर्नीचर मार्केट खाली कराया गया था, जिससे करीब ₹1,500 करोड़ मूल्य की ज़मीन मुक्त हुई। ❓ क्या बदलेगा चंडीगढ़ का बिजनेस मैप? सेक्टर-56 का यह नया Bulk Market न सिर्फ मार्बल और फर्नीचर कारोबार को नई जगह देगा, बल्कि चंडीगढ़ के व्यापारिक ढांचे को भी आधुनिक और संगठित रूप प्रदान करेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह प्रोजेक्ट शहर को एक सुव्यवस्थित बिजनेस हब की पहचान दिला पाएगा या व्यापारियों की Freehold मांग आगे नई चुनौती बनेगी।