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एमसी संचालित गौशालाओं का दूध शहर के अनाथालयों को मिलेगा एनिमल इंसीनेरेटर को इको-फ्रेंडली बायोगैस प्लांट में बदलने की योजना अजीत झा. चंडीगढ़ 31 Jan : मेयर का पदभार संभालने के बाद अपने पहले फील्ड विजिट में शहर के मेयर सौरभ जोशी ने शनिवार को गौशाला, रायपुर कलां, गौशाला, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और कैटल पॉन्ड, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम चंडीगढ़ के अधीन संचालित गौशालाओं की इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं और पशु प्रबंधन व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। मेयर के साथ नगर निगम कमिशनर अमित कुमार के अलावा पार्षद हरजीत सिंह, बिमला दुबे, गुरबख्श रावत तथा संबंधित नगर निगम अधिकारी भी मौजूद रहे। अनाथालयों को मिलेगा गौशालाओं का दूध निरीक्षण के दौरान मेयर ने निर्देश दिए कि नगर निगम द्वारा संचालित गौशालाओं में उत्पादित दूध को शहर के अनाथालयों को उपलब्ध कराया जाए, जिसकी शुरुआत कल से की जाएगी। उन्होंने इसे नगर निगम की सामाजिक जिम्मेदारी और समावेशी कल्याण नीति का अहम कदम बताया। बायोगैस आधारित इंसीनेरेटर की तैयारी मेयर ने इंजीनियरिंग विंग को निर्देश दिए कि मौजूदा एनिमल इंसीनेरेटर प्लांट को बायोगैस आधारित, पर्यावरण अनुकूल इंसीनेरेटर में बदलने की संभावनाओं पर विस्तृत योजना तैयार की जाए, ताकि यह व्यवस्था कम खर्चीली और टिकाऊ बन सके। व्यवस्थाओं का मौके पर आकलन निरीक्षण के दौरान गौशालाओं की संरचनात्मक स्थिति, पशु शेड, पानी की आपूर्ति, चारे की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था और समग्र बुनियादी ढांचे का मौके पर आकलन किया गया। अधिकारियों के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन, दैनिक पशु प्रबंधन को मजबूत करने और पशुओं के लिए बेहतर आश्रय व स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। मेयर का बयान मेयर सौरभ जोशी ने कहा गौशालाएं केवल पशुओं के आश्रय स्थल नहीं हैं, बल्कि यह पशु कल्याण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। पदभार संभालने के बाद यह मेरा पहला निरीक्षण है और मेरी प्राथमिकता है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और प्रबंधन मानकों को समयबद्ध तरीके से बेहतर बनाया जाए। हम पशुओं की बेहतर देखभाल के लिए टिकाऊ और मानवीय समाधान अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि नगर निगम गौशाला इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और बेहतर प्रबंधन प्रणाली अपनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के आधार पर आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे, ताकि सुविधाओं में सुधार और पशुओं का दीर्घकालीन कल्याण सुनिश्चित हो सके। एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश मेयर ने संबंधित अधिकारियों को संरचनात्मक मरम्मत, स्वच्छता, प्रभावी चारा प्रबंधन और सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था पर केंद्रित एक्शन-ओरिएंटेड सुधार योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी गौशालाओं में समान मानकों को सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और समन्वित प्रयासों पर भी जोर दिया।