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चंडीगढ़ 25 Dec । ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर विशालदीप और उनके भाई विकासदीप की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई ने दोनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में FIR दर्ज की है। जांच में सामने आया है कि मार्च से दिसंबर 2024 के नौ महीनों में दोनों ने अपनी कुल ज्ञात आय से 231 प्रतिशत अधिक संपत्ति बनाई, जिसमें महंगी गाड़ियां, फ्लैट और निवेश शामिल हैं। सीबीआई ने पाया कि 1 मार्च 2024 को दोनों के पास कुल 9.20 लाख रुपये की संपत्ति थी, जो 31 दिसंबर तक बढ़कर 44.44 लाख रुपये हो गई। इस दौरान उन्हें कुल 40.28 लाख रुपये आय हुई, जबकि खर्च 98.29 लाख रुपये रहा। विकासदीप ने 24.71 लाख रुपये की नई स्कार्पियो खरीदी, 35 लाख का हाउसिंग लोन चुकाया और 7.95 लाख रुपये शेयर मार्केट में लगाए। वहीं, विशालदीप ने 13.18 लाख की फॉक्सवेगन वर्टिस कार खरीदी और 97 लाख रुपये का फ्लैट ओमेक्स, न्यू चंडीगढ़ में लिया। मामला पिछले साल शुरू हुआ था, जब हिमाचल प्रदेश के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपितों ने विशालदीप पर गिरफ्तारी का डर दिखाकर 2.5 करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। शिकायत के बाद सीबीआई ने 25 दिसंबर 2024 को विकासदीप को पकड़ा और विशालदीप को बाद में मुंबई और पंचकूला से गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि रिश्वत लेने में सीबीआई के डीएसपी बलबीर शर्मा का भी हाथ था, जिसे गिरफ्तार किया गया। आय से अधिक संपत्ति और रिश्वत मामले ने ईडी के अफसर और उनके परिवार के खिलाफ गंभीर आरोपों को उजागर किया है, और अब सीबीआई संपत्तियों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।